पटना : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता जयराम विप्लव ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हालिया बयान पर तीखा विरोध जताया है, जिसमें खड़गे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को ‘जहरीला सांप’ करार दिया था। विप्लव ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए खड़गे को चेतावनी दी कि वह दलित समाज को गुमराह करने की कोशिश न करें, जैसा कि पूर्व में जोगेन्द्रनाथ मंडल ने किया था।
खड़गे पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप
जयराम विप्लव ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर आरोप लगाते हुए कहा कि खड़गे जी, आपकी माताजी और बहन को रजाकारों और निजाम के अत्याचारों के तहत जिंदा जलाया गया था, लेकिन आज तक आप उन पर कुछ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। यह आपके तुष्टीकरण की राजनीति और वोट बैंक के दवाब का परिणाम है। आपकी चुप्पी यह साफ दर्शाती है कि कांग्रेस का ‘सेक्युलरिज्म’ केवल अपने राजनीतिक आकाओं के आगे झुकने तक सीमित है।
विप्लव ने खड़गे से सवाल किया कि यदि कांग्रेस पार्टी वाकई दलितों के अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है, तो उन्हें अपने परिवार पर हुए अत्याचारों की सच्चाई देश के सामने लानी चाहिए, जिससे दलित समाज को असली तथ्यों का पता चल सके। उनका कहना था कि खड़गे को यह बताना चाहिए कि उनके परिवार के सदस्यों को किसने जलाया था और क्यों। उन्होंने इसे ‘तुष्टीकरण की राजनीति’ करार दिया और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा वोट बैंक की राजनीति के लिए ऐतिहासिक तथ्यों को दबाया है।
जोगेन्द्रनाथ मंडल का उदाहरण
जयराम विप्लव ने खड़गे से यह भी कहा कि उन्हें दलित समाज को गुमराह नहीं करना चाहिए, जैसा कि जोगेन्द्रनाथ मंडल ने ‘जय भीम-जय मीम’ की राजनीति के नाम पर किया था। मंडल ने राजनीतिक लाभ के लिए समाज का बंटवारा किया और विप्लव ने खड़गे को चेतावनी दी कि वह ऐसा नहीं करें। उनका कहना था कि खड़गे को दलित समाज के लिए सच्चाई और न्याय की बात करनी चाहिए, न कि उन्हें भ्रमित करने वाले बयान देने चाहिए।
कांग्रेस की दोहरी राजनीति पर सवाल
विप्लव ने कांग्रेस की दोहरी राजनीति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने हमेशा अपने वोट बैंक की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक घटनाओं और अत्याचारों पर चुप्पी साधी है। यही कांग्रेस अब भाजपा और संघ जैसे राष्ट्रवादी संगठनों पर हमला बोल रही है, ताकि उसे राजनीतिक लाभ मिल सके। लेकिन अब जनता जाग चुकी है और वह इस तरह की विभाजनकारी राजनीति को नकारेगी’।
सच्चाई को स्वीकारने की अपील
भाजपा प्रवक्ता ने मल्लिकार्जुन खड़गे से यह अपील भी की कि वह साहस दिखाकर सच्चाई का सामना करें और दलित समाज को वास्तविकता से अवगत कराएं। यदि आप सच्चाई को स्वीकार करेंगे और कहेंगे, तो देश का सनातनी समाज आपके साथ खड़ा होगा। भाजपा और संघ हमेशा समाज की सेवा में आपके साथ रहेगा, बशर्ते आप अपने परिवार के साथ हुए अन्याय की सच्चाई को स्वीकारें और दलितों को गुमराह करने की कोशिश न करें।
इस पूरे विवाद के बीच जयराम विप्लव ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से साफ संदेश दिया कि वे अपनी पार्टी की वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर, सच को सामने लाने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि यदि खड़गे अपनी चुप्पी तोड़कर सच्चाई का सामना करते हैं, तो भाजपा और संघ उनके साथ खड़े होंगे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि खड़गे इस मुद्दे पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं और कांग्रेस की रणनीति आगे क्या दिशा लेती है।
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