नई दिल्ली : भारतीय रेलवे में उन्नत प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने हाल ही में घोषणा की कि अब हर रेलवे जोन में एकीकृत ट्रैक निगरानी प्रणाली (आईटीएमएस) मशीनें तैनात की जाएंगी। यह कदम रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा और दक्षता को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
आईटीएमएस और आरसीआरआईवी का निरीक्षण
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एकीकृत ट्रैक निगरानी प्रणाली (आईटीएमएस) और सड़क सह रेल निरीक्षण वाहन (आरसीआरआईवी) का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि ये मशीनें रेलवे ट्रैक के माप और रखरखाव में नवाचार और प्रौद्योगिकी का उपयोग करके ट्रैकमैन के काम को सरल और सुरक्षित बनाएंगी। आईटीएमएस की तैनाती का उद्देश्य ट्रैक निरीक्षण और रखरखाव को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाना है, जिससे रेलवे की सुरक्षा में भी सुधार होगा।
आईटीएमएस मशीनों का महत्व
रेल मंत्री ने कहा कि लगभग 2-2.5 साल पहले रेलवे में तीन आईटीएमएस मशीनें लगाई गई थीं, जो ट्रैक के माप में सटीकता लाती हैं। अब हर रेलवे जोन में इन मशीनों को तैनात किया जाएगा। ट्रैक निरीक्षण के प्रोटोकॉल को और बेहतर बनाया जाएगा, जिससे ट्रैक माप की प्रक्रिया और अधिक सटीक होगी। उन्होंने बताया कि आनेवाले 5 वर्षों में यह पहल रेलवे के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ट्रैकमैन और कीमैन की सुरक्षा में सुधार
रेल मंत्री ने ट्रैकमैन और कीमैन के कामकाजी और सुरक्षा में सुधार के लिए आईटीएमएस और आरसीआरआईवी के उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। इन आधुनिक मशीनों के जरिए अब ट्रैकमैन को वास्तविक समय के सटीक डेटा की प्राप्ति होगी, जिससे उनका काम आसान और अधिक कुशल होगा। इन नई तकनीकों के जरिए ट्रैकमैन के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में रेलवे प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।
भविष्य में रेल नेटवर्क की सुरक्षा को बढ़ावा रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि आईटीएमएस और आरसीआरआईवी का उपयोग भारतीय रेलवे के लिए भविष्य में एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगा। यह रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा और संरक्षा को सुनिश्चित करेगा, जिससे यात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सकेगी। इस योजना का उद्देश्य न केवल ट्रैक माप में सटीकता लाना, बल्कि रेलवे कर्मचारियों के लिए भी कार्य के माहौल को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है। निरीक्षण के दौरान रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ सतीश कुमार, रेलवे बोर्ड के सदस्य (इंफ्रास्ट्रक्चर) नवीन गुलाटी, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

