RANCHI: रांची रेल मंडल में रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता से मानव तस्करी का एक बड़ा प्रयास विफल हो गया। हटिया रेलवे स्टेशन पर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान आरपीएफ की टीम ने तीन नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। वहीं रांची स्टेशन से भी एक बच्ची को रेस्क्यू किया गया है।
ऑपरेशन आहट के तहत कार्रवाई
मंडल सुरक्षा आयुक्त पवन कुमार के निर्देश पर ऑपरेशन आहट के तहत आरपीएफ पोस्ट हटिया, सीआईबी आरपीएफ रांची और महिला सुरक्षा सेल की संयुक्त टीम ने 9 मार्च को हटिया रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी के खिलाफ जांच अभियान चलाया। इस दौरान शाम करीब 4:15 बजे ट्रेन संख्या 13351 के प्लेटफॉर्म संख्या 3 पर पहुंचने पर उसके सामान्य कोच की जांच की गई। जांच के दौरान एक व्यक्ति के साथ तीन नाबालिग लड़के पाए गए, जिनके जवाब संदिग्ध लगे। पूछताछ में आरोपी की पहचान अरुण राम लखीसराय (बिहार) के रूप में हुई। जांच में पता चला कि वह नाबालिग बच्चों को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में काम दिलाने के नाम पर प्रति माह 10 हजार रुपये मजदूरी का लालच देकर अपने साथ ले जा रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से मोबाइल फोन, रेलवे टिकट और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। आरपीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई के बाद उसे एएचटीयू कोतवाली रांची को सौंप दिया, जबकि तीनों नाबालिग बच्चों को बालाश्रय रांची भेज दिया गया।
ओडिशा की बच्ची मिली रांची स्टेशन पर
आरपीएफ पोस्ट रांची के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत रांची रेलवे स्टेशन पर नियमित जांच के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 2 पर एक नाबालिग लड़की को अकेले बैठा हुआ देखा। जो डरी हुई और घबराई हुई प्रतीत हो रही थी। पूछताछ में लड़की द्वारा संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। बाद में उसने अपना नाम सोलाली भद्रक (ओडिशा) बताया। इसके बाद आरपीएफ ने उसे सुरक्षित संरक्षण में लेकर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी रांची के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सीडब्ल्यूसी ने उसे प्रेमाश्रय भेजने का निर्देश दिया। लेकिन वहां के अधिकारियों ने उसे रखने से इंकार कर दिया गया। इसके बाद आरपीएफ टीम ने पुनः सीडब्ल्यूसी, रांची को उक्त स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद सीडब्ल्यूसी द्वारा लिखित आदेश जारी कर लड़की को वन स्टॉप सेंटर रांची में रखने का निर्देश दिया। आदेशानुसार लड़की को सुरक्षित रूप से वहां भर्ती कराया गया।

