खूंटी : झारखंड के खूंटी जिले के केएस गंगा नामक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान बेलांगी गांव निवासी 35 वर्षीय रीना देवी की मृत्यु हो गई। रीना देवी की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर सड़क जाम कर दिया और विरोध-प्रदर्शन किया। उसके बाद प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जाम को समाप्त कराने के लिए वार्ता की।
इलाज में लापरवाही का आरोप
मृतक महिला के परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान अस्पताल ने न सिर्फ उन्हें बेहतर चिकित्सा सेवाएं नहीं दीं, बल्कि पैसे भी जमा करवाए। दो दिन पहले एक दुर्घटना में रीना देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उसके बाद उन्हें इलाज के लिए खूंटी के इस निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। अस्पताल ने महिला के इलाज से पहले 20 हजार रुपये जमा किए और फिर अगले दिन और 22 हजार रुपये जमा करवाए।
परिजनों का कहना था कि जब महिला की स्थिति बिगड़ी और डॉक्टर से इलाज के लिए अन्य अस्पताल में भेजने की बात की गई, तो डॉक्टर ने इसे टालते हुए उनकी बातों को नजरअंदाज किया। अंत में शनिवार सुबह महिला की मौत हो गई।
प्रशासन का हस्तक्षेप और जांच
जाम की सूचना मिलते ही खूंटी के अनुमंडल पदाधिकारी दीपेश कुमारी, एसडीपीओ वरूण रजक, अंचल अधिकारी और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ जांच की जाएगी। एसडीओ ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच का आदेश जारी किया और कहा कि अगर आरोप सही पाए गए, तो अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल की सफाई
इस बीच, अस्पताल के डॉक्टर डॉ. अंजीव नयन ने इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि रीना देवी की स्थिति काफी गंभीर थी और दुर्घटना के कारण महिला कोमा में चली गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि अस्पताल ने महिला को अन्यत्र भेजने के लिए कई बार परिवार से अनुरोध किया, लेकिन परिजनों ने अस्पताल पर विश्वास जताते हुए यहीं इलाज कराने का फैसला लिया।
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