नई दिल्ली : भारत का भगोड़ा ललित मोदी, जो पिछले 12 वर्षों से भारत से फरार है, ने अब एक नया कदम उठाते हुए प्रशांत महासागर के छोटे से देश वनुआतु की नागरिकता प्राप्त कर ली है। इससे ललित मोदी की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया और जटिल हो सकती है। यह कदम भारतीय एजेंसियों के लिए नई चुनौती पेश करेगा, जो पिछले एक दशक से ललित मोदी को भारत लाने के लिए प्रयासरत हैं।
ललित मोदी पर IPL मीडिया राइट्स और टीम फ्रेंचाइजी डील्स में 125 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। इसके अलावा, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। भारतीय एजेंसियां प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य विभागों के तहत उनकी जांच कर रही हैं, लेकिन अब वनुआतु की नागरिकता के कारण भारत सरकार की कोशिशें और भी कठिन हो सकती हैं।
ललित मोदी का नया पासपोर्ट
ललित मोदी का नया पासपोर्ट RV0191750 है, जिसे वनुआतु सरकार ने 30 दिसंबर 2024 को जारी किया है। यह जानकारी भारतीय एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती बन चुकी है, क्योंकि ललित मोदी ने विदेशी नागरिकता प्राप्त करने के बाद भारतीय कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश की है।
प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर प्रभाव
ललित मोदी के वनुआतु नागरिक बनने से भारत और वनुआतु के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं होने के कारण भारत को उन्हें गिरफ्तार कर वापस लाने में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इससे ललित मोदी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जटिल हो गई है।
गंभीर आरोपों के तहत जांच जारी
ललित मोदी पर मनी लॉन्ड्रिंग, IPL के मीडिया राइट्स और ब्रॉडकास्टिंग डील्स में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा कानून (FEMA) उल्लंघन और बेनामी संपत्तियों की खरीदारी के मामले भी दर्ज हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उनकी संपत्तियों की जांच की जा रही है।

