Ranchi : झारखंड सरकार राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों के संचालन और रख-रखाव के लिए झारखंड पर्यटक क्षेत्र प्राधिकार व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत पर्यटन स्थलों पर स्थानीय प्रशासन की तर्ज पर प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि साफ-सफाई, पार्किंग, अतिक्रमण हटाने और पर्यटक सुविधाओं का संचालन व्यवस्थित तरीके से हो सके।
पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने द फोटोन न्यूज को बताया कि पर्यटन विभाग और नगर विकास विभाग मिलकर इस मॉडल पर समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत नगरपालिका नियमावली की तर्ज पर अधिकार तय किए जाएंगे। जिस प्रकार नगर निगम क्षेत्रों में मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को प्रशासनिक अधिकार प्राप्त होते हैं, उसी प्रकार पर्यटन क्षेत्रों में भी प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को अधिकार दिए जाएंगे, ताकि वे अपने क्षेत्र में आवश्यक कार्रवाई कर सकें।

नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में भी यह व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाना, पर्यटन स्थलों की साफ-सफाई सुनिश्चित करना, पार्किंग व्यवस्था विकसित करना और पर्यटक सुविधाओं का नियमित संचालन शामिल होगा। सरकार की योजना है कि प्रमुख पर्यटन स्थलों पर एक संगठित प्रबंधन तंत्र तैयार किया जाए, जिससे पर्यटन क्षेत्रों में अव्यवस्था और अनियंत्रित गतिविधियों पर रोक लग सके। इसके तहत संबंधित प्राधिकार को सफाई शुल्क, पार्किंग शुल्क और अन्य सेवा शुल्क लेने का अधिकार भी दिया जाएगा। इन शुल्कों से प्राप्त राशि का उपयोग पर्यटन स्थलों के रख-रखाव, कचरा प्रबंधन, प्रकाश व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं के संचालन में किया जाएगा।
व्यवस्थित आर्थिक गतिविधि के रूप में विकास
पर्यटन मंत्री ने कहा कि अभी कई पर्यटन स्थलों पर नियमित निगरानी और प्रबंधन की कमी के कारण समस्याएं सामने आती हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पर्यटन क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन जैसी जवाबदेही तय होगी और संबंधित अधिकारी सीधे तौर पर प्रबंधन कार्यों की निगरानी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थल तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे व्यवस्थित आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
इसी सोच के तहत पर्यटन स्थलों पर स्थायी प्रबंधन व्यवस्था, स्थानीय रोजगार और बेहतर पर्यटक सुविधाओं को एक साथ जोड़ने की योजना बनाई गई है। राज्य सरकार शुरुआती चरण में राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों से इस व्यवस्था की शुरुआत करेगी। इनमें प्राकृतिक पर्यटन स्थल, जलप्रपात क्षेत्र, घाटियां, धार्मिक स्थल और ईको-टूरिज्म केंद्र शामिल किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि जिन पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या अधिक है, वहां सबसे पहले प्रबंधन प्रणाली लागू कर सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रस्ताव को कैबिनेट से मिल चुकी है मंजूरी
पर्यटन विभाग द्वारा तैयार विस्तृत प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिल चुकी है। इसके बाद अब विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों का चिह्नितीकरण, प्रबंधन ढांचा तैयार करने और संबंधित निकायों को अधिकार हस्तांतरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। योजना के तहत पर्यटन स्थलों पर स्थानीय निकायों की तरह नियमित निगरानी, संसाधन प्रबंधन और जवाबदेही तय की जाएगी। सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को चरणबद्ध तरीके से इस प्राधिकार व्यवस्था से जोड़ा जाएगा, ताकि झारखंड के पर्यटन क्षेत्रों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित पहचान मिल सके।

