नई दिल्ली : गुरुवार को उत्तरी चिली में 6.1 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए। इससे क्षेत्र में हलचल मच गई, लेकिन इस तेज झटके के बावजूद किसी भी प्रकार के जानमाल का नुकसान या गंभीर घटनाओं की खबर नहीं आई। हालांकि, भूकंप के बावजूद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई। भूकंप के झटके शांत होने के बाद इससे हुए नुकसान का आकलन जारी है।
भूकंप का केंद्र और समय
संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र चिली के सैन पेड्रो डी अटाकामा गांव से 104 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था। भूकंप दोपहर 12:21 बजे स्थानीय समयानुसार आया, और इसका केंद्र 93 किलोमीटर की गहराई पर था। यह भूकंप मध्यम तीव्रता का था, जिसे चिली की राष्ट्रीय आपदा एजेंसी ने भी इसी श्रेणी में रखा है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि भूकंप से सुनामी की संभावना नहीं है।
स्थिति का आकलन और राहत के उपाय शुरू
चिली की राष्ट्रीय आपदा एजेंसी ने तुरंत भूकंप के बाद स्थिति का आकलन करना शुरू किया है और इस घटना के कारण किसी भी प्रकार के नुकसान की जांच की जा रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक किसी भी जानमाल के नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है, और राहत कार्य जारी हैं। इसके अलावा, एजेंसी ने यह भी बताया कि क्षेत्र में किसी प्रकार का सुनामी खतरा नहीं है, जिससे स्थानीय लोगों में कुछ राहत मिली है।
चिली और “रिंग ऑफ फायर”
चिली की स्थिति को देखते हुए यह समझना महत्वपूर्ण है कि यह देश “रिंग ऑफ फायर” के अंतर्गत आता है। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जो चिली से लेकर अलास्का तक फैला हुआ है और जहां टेक्टोनिक प्लेटें प्रशांत महासागर की सतह के नीचे टकराती हैं। इन टकरावों के कारण भूकंप और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाएं होती हैं, जो इस क्षेत्र के लिए सामान्य घटनाएं हैं। चिली में भूकंप के झटके पहले भी कई बार महसूस किए जा चुके हैं, और यही कारण है कि यहां के अधिकारियों ने आपातकालीन प्रबंधन और राहत कार्यों को लगातार बेहतर करने की दिशा में प्रयास किए हैं।
पिछले विनाशकारी भूकंपों की यादें
चिली में भूकंपों की भयावहता का इतिहास भी रहा है। 2010 में 8.8 तीव्रता के भूकंप ने चिली में भारी तबाही मचाई थी। इस भूकंप से सुनामी भी आई थी, जिसमें 526 लोग मारे गए थे। इसके बाद, चिली के अधिकारियों ने आपातकालीन प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ किया है, ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।
1960 में भी चिली में एक विनाशकारी भूकंप आया था, जिसे 20वीं सदी का सबसे बड़ा भूकंप माना जाता है। यह भूकंप 9.5 तीव्रता का था और इसका केंद्र वाल्डिविया शहर के पास था, जो चिली के तट से लगभग 160 किलोमीटर दूर था। उस भूकंप से भी सुनामी आई, जिसके कारण 1,655 लोगों की जान चली गई और 3,000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इसके अलावा, इस आपदा ने 20 लाख से ज्यादा लोगों को बेघर कर दिया था। इस प्रकार की घटनाओं से चिली में भूकंप के बाद राहत कार्यों में सुधार की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं।

