रांची : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 13वें दिन बुधवार को मंत्री दीपक बिरुवा ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि अब राज्य के पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा के फीचर्स को भी शामिल किया जाएगा। सरकार का यह कदम सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को कम करने और लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
दुर्घटनाओं में कमी लाना सरकार की प्राथमिकता
मंत्री बिरुवा ने सदन में बताया कि सरकार सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को लेकर चिंतित है और इसे कम करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और इसके लिए ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट और दंड के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
पिछले चार वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े
2021 : 3871 दुर्घटनाएं
2022 : 5174 दुर्घटनाएं
2023 : 5315 दुर्घटनाएं
2024 : 5191 दुर्घटनाएं
सरकार इन आंकड़ों को कम करने के लिए नियमित वाहन जांच अभियान और दुर्घटनाओं के तकनीकी विश्लेषण पर जोर दे रही है।
शराब पीकर गाड़ी चलाने पर दो साल कैद व 15 हजार तक जुर्माना
शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-185 के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पहली बार पकड़े जाने पर छह महीने तक की कैद और 10,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है। दूसरी बार पकड़े जाने पर दो साल तक की कैद और 15,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है। 2023 में 411 और 2024 में 377 वाहन चालकों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं।
विधायकों ने उठाए मुद्दे
विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि हर जिले में ब्लैक स्पॉट होते हैं, लेकिन डीसी इस पर ध्यान नहीं देते। उन्होंने सरकार से हर जिले के डीसी को ब्लैक स्पॉट में सेफ्टी फीचर लगाने का निर्देश देने का आग्रह किया।
सार्वजनिक परिवहन और ग्रामीण परिवहन योजना
मंत्री बिरुवा ने यह भी बताया कि राज्य सरकार हर नागरिक को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत 601 ग्रामीण मार्गों को अधिसूचित किया गया है और इन मार्गों पर बसों को परमिट जारी किए गए हैं।
बुनियादी सुविधाओं पर जोर
विधायक सीपी सिंह ने सरकारी बस डिपो में यात्रियों और कर्मचारियों के लिए शौचालय, लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

