सेंट्रल डेस्क: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी के मद्देनज़र बांग्लादेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े कदम उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देशभर के विभिन्न राज्यों से 200 से 250 Awami League समर्थकों के अगले सप्ताह ढाका की ओर कूच करने की संभावना जताई जा रही है। इन स्थितियों के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने जारी किया सर्कुलर
Chattogram Metropolitan Police द्वारा जारी एक आधिकारिक सर्कुलर में सभी थाना अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि किसी भी असामाजिक या राष्ट्र विरोधी गतिविधि पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस को चेताया गया है कि कुछ आपराधिक तत्व मोबाइल फोन, SIM कार्ड और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर सकते हैं। इसके मद्देनज़र सभी डिजिटल गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश हैं।
सोशल मीडिया पर नजर, संदिग्धों की पहचान के निर्देश
सुरक्षा एजेंसियों को सोशल मीडिया पोस्ट, ग्रुप चैट्स और संदिग्ध अकाउंट्स पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। साथ ही, हर थाने को अपने क्षेत्र में सक्रिय Awami League समर्थकों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखने तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
सामुदायिक समन्वय और जन जागरूकता पर ज़ोर
सर्कुलर में पुलिस अधिकारियों को स्थानीय मस्जिदों, राजनीतिक दलों जैसे BNP, जमात-ए-इस्लामी, NCP और धार्मिक नेताओं से संपर्क स्थापित करने की सलाह दी गई है। इसका उद्देश्य आम जनता में जागरूकता फैलाना और संभावित अफवाहों या गलत जानकारी को फैलने से रोकना है।
ढाका कूच पर रोक, स्थानीय क्षेत्रों में ही रोकने के निर्देश
पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति या समूह ढाका की ओर न बढ़े। इसके लिए स्थानीय स्तर पर पहले से ही नियंत्रण रणनीति तैयार कर ली गई है। Awami League समर्थकों को उनके क्षेत्र में ही सीमित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्राथमिकता
प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी को देखते हुए सरकार और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देश इस बात का संकेत हैं कि किसी भी प्रकार की राजनीतिक भीड़, साइबर गतिविधियों और सांप्रदायिक तनाव से निपटने के लिए प्रशासन पहले से तैयार है।

