Jamshedpur : अगर आपका बच्चा हृदय रोग से पीड़ित है और आप पैसे की कमी की वजह से उसका इलाज नहीं करा पा रहे हैं तो परोशान होने की जरूरत नहीं है। पूर्वी सिंहभूम का स्वास्थ्य विभाग आपकी मदद के लिए तैयार है। आपके बच्चे का विभाग हैदराबाद और मुंबई में अच्छे चिकित्सा संस्थान में इलाज कराएगा। आपको इसके लिए सिविल सर्जन कार्यालय से संपर्क करना होगा। यह इलाज नेशनल हेल्थ मिशन के तहत कराया जा रहा है। इस योजना के तहत जिले में अब तक 100 बच्चों की तलाश की गई है, इनमें से अधिकतर बच्चों का इलाज कराया जा चुका है। कटे होंठ और घुटने के पास से जुड़े पैरों वाले बच्चों का भी इस योजना के तहत इलाज कराया जा रहा है।
इलाज कराने के बाद जमशेदपुर लौटे हृदय रोग से पीड़ित पांच बच्चे
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने गंभीर हृदय रोग से पीड़ित पांच बच्चों का हैदराबाद और मुंबई के बड़े चिकित्सा संस्थानों में इलाज कराया है। एक बच्चे का कटे-ओंठ और तालू का इलाज कराया गया है। इलाज होने के बाद यह सभी बच्चे ठीक हो गए हैं। इनकी गुरुवार को जमशेदपुर वापसी के बाद सिविल सर्जन कार्यालय में स्वागत किया गया। यह इलाज जिला प्रशासन की पहल और सत्य साईं संजीवनी सेंटर फॉर चाइल्ड हेल्थ केयर के सहयोग से जिले के विभिन्न प्रखंडों से गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों का निःशुल्क उपचार देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में सफलतापूर्वक कराया गया। धालभूमगढ़ निवासी रवि कैवर्त, जो कटे होंठ एवं तालू (क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट) की समस्या से पीड़ित थे, का निःशुल्क सफल इलाज रांची स्थित पारस अस्पताल में कराया गया। वहीं, जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित रेणुका हेम्ब्रम, अंकित गोप, जीत धारा (धालभूमगढ़), संजय मुंडा (चाकुलिया) तथा तानिया प्रमाणिक (बिरसानगर) का उन्नत चिकित्सा संस्थानों में हैदराबाद एवं मुंबई में सफल उपचार कराया गया। इस पहल के तहत जिला प्रशासन द्वारा सभी बच्चों को चिन्हित कर उनके समुचित इलाज की व्यवस्था की गई तथा इलाज से संबंधित संपूर्ण प्रक्रिया जैसे जांच, रेफरल, अस्पताल में भर्ती, ऑपरेशन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं निःशुल्क सुनिश्चित की गई।
हर गरीब बच्चे का प्रशासन मुफ्त कराएगा इलाज
सिविल सर्जन ने सभी बच्चों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहे। इस अवसर पर बच्चों के अभिभावकों ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे इतने बड़े अस्पतालों में इलाज कराने में सक्षम नहीं थे, लेकिन जिला प्रशासन की पहल से उनके बच्चों को नया जीवन मिला है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी बच्चा हृदय रोग, कटे होंठ तालू से पीड़ित है और आर्थिक रूप से उपचार कराने में असमर्थ है, तो वे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला स्वास्थ्य कार्यालय से संपर्क करें, ताकि उन्हें भी इस प्रकार की योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।
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