
बोकारो: दिल की बीमारी से जूझ रहे बच्चों के परिवारों के लिए एक राहत भरी खबर है। झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और कोच्चि के मशहूर अमृता हॉस्पिटल के साथ मिलकर एक बेहतरीन पहल की है। इसके तहत 18 साल तक के बच्चों के दिल की बीमारियों की न सिर्फ मुफ्त जांच की जा रही है, बल्कि जरूरत पड़ने पर उनका पूरा इलाज और ऑपरेशन भी बिल्कुल मुफ्त कराया जाएगा।
इलाज, रहना-खाना और आना-जाना सब कुछ फ्री
इसी कड़ी में बोकारो के शिबू सोरेन स्मृति भवन में एक विशेष स्वास्थ्य कैंप लगाया गया। कैंप में झारखंड के पांच अलग-अलग जिलों से आए बच्चों की डॉक्टरों ने बारीकी से जांच की। कैंप में जांच के दौरान जिन बच्चों में दिल की गंभीर बीमारी पाई गई है, उन्हें घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। ऐसे बच्चों का ऑपरेशन कोच्चि के अमृता हॉस्पिटल में किया जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इस इलाज का पूरा खर्च सरकार और अस्पताल उठाएंगे। मरीज बच्चे और उनके माता-पिता के रहने, खाने, दवाओं से लेकर कोच्चि आने-जाने तक का पूरा खर्च पूरी तरह मुफ्त रहेगा। यानी गरीब से गरीब परिवार भी अब अपने बच्चे का बड़े अस्पताल में इलाज करा सकेगा।
झारखंड में जल्द शुरू होगी सुविधा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि फिलहाल झारखंड के सरकारी अस्पतालों में बच्चों के दिल के ऑपरेशन की आधुनिक सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसी वजह से सरकार ने देश के बड़े निजी अस्पतालों से हाथ मिलाया है ताकि किसी बच्चे की जान न जाए। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में यह सारी सुविधाएं झारखंड के भीतर ही मिलने लगें और इस पर तेजी से काम चल रहा है।
ये हैं बीमारी के लक्षण
कोच्चि से आए हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बृजेश ने बताया कि छोटे बच्चों में दिल की बीमारी होने पर सांस फूलना या शरीर का रंग पीला पड़ने जैसे लक्षण दिखते हैं। सही समय पर जांच हो तो यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल अब तक झारखंड के सैकड़ों बच्चों का सफल और मुफ्त इलाज कर चुका है।

