
धनबाद : झारखंड के धनबाद जिले के निरसा क्षेत्र में एक पागल कुत्ते का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते दो दिनों में इस कुत्ते ने अलग-अलग गांवों में 18 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया है। लगातार हो रहे हमलों से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोग बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं और कई गांवों के ग्रामीण रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। सूचना मिलने के बाद नगर निगम की डॉग रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, लेकिन अब तक कुत्ते को पकड़ने में सफलता नहीं मिल सकी है।
धनबाद के निरसा में पागल कुत्ते का हमला, 18 लोग घायल
स्थानीय लोगों के अनुसार, पागल कुत्ता लगातार गांव-गांव घूमकर लोगों पर अचानक हमला कर रहा है। अब तक 18 लोग उसके हमले में घायल हो चुके हैं। घायलों में 13 लोगों का इलाज निरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया, जबकि गंभीर श्रेणी के पांच मरीजों को बेहतर उपचार के लिए धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल भेजा गया है। चिकित्सकों के अनुसार, इन मरीजों को गहरे घाव होने के कारण विशेष उपचार की आवश्यकता है।
कई गांवों में दहशत, बच्चे घरों में कैद
पागल कुत्ते के लगातार हमलों से रांगामाटी, बरडांग, ढांगासाल, उदयपुर, चापापुर, भालखुरिया, कुसुमकनाली और आसपास के कई गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि कुत्ता अचानक हमला करता है और फिर दूसरे गांव की ओर भाग जाता है। इसी कारण लोग छोटे बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। लगभग 10 से 15 गांवों के ग्रामीण रातभर पहरा देकर लोगों को सतर्क कर रहे हैं।
नगर निगम की रेस्क्यू टीम भी नहीं पकड़ सकी कुत्ता
मामले की जानकारी मिलने पर कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार राय ने सिविल सर्जन, प्रखंड विकास पदाधिकारी, पशुपालन विभाग और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद नगर निगम की डॉग रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय पशुपालन पदाधिकारी के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही कुत्ता रांगामाटी क्षेत्र की ओर भाग गया। इसके बाद भी कई स्थानों पर तलाश की गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसे पकड़ा नहीं जा सका था।
अलग-अलग गांवों में लोगों को बनाया शिकार
ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार शाम से ही पागल कुत्ते ने कई लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया था। बरडांग, ढांगासाल, रांगामाटी और घाघरा पंचायत के कई लोग पहले दिन घायल हुए। शनिवार सुबह भी कुत्ते ने चापापुर, उदयपुर, भालखुरिया, कुसुमकनाली और सिंदरी कॉलोनी सहित कई इलाकों में लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है।
चिकित्सकों ने दी तत्काल उपचार कराने की सलाह
निरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. मृणाल श्रीवास्तव ने बताया कि कुत्ते के काटने के गंभीर मामलों में केवल रेबीजरोधी टीका पर्याप्त नहीं होता। यदि गहरा घाव हो, खून बह रहा हो या चेहरा एवं हाथ जैसे संवेदनशील हिस्सों पर काटा गया हो, तो रेबीज प्रतिरक्षी इंजेक्शन लगाना भी आवश्यक होता है।
उन्होंने बताया कि कुत्ते के काटने के तुरंत बाद घाव को कम से कम 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद पोविडोन आयोडीन या अल्कोहल आधारित दवा लगाकर बिना देरी किए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना चाहिए। चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के पशु के काटने को हल्के में न लें और तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।

