
चाईबासा : पारिवारिक विवाद में अपने ही बड़े भाई की गोली मारकर मौत का घाट उतार देने वाले छोटे भाई महेंद्र लागुरी और विजय लागुरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टूटी ने प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों ने जमीन की मुआवजा में मिले पैसे का सही बटवारा नहीं होने के कारण बड़े भाई से नाराज चल रहे थे। साथ ही बड़े भाई मृतक शंकर लागुरी दूसरी जाति की लड़की से प्रेम विवाह किया था। जिस कारण उसके घर में लगातर लड़ाई झगड़ा होते रहता था। इससे नाराज हो कर छोटे भाई महेंद्र लागुरी ने अपने चचेरे भाई बिजय लागुरी के साथ मिलकर 13 जुलाई की रात अपने बड़े भाई शंकर लागुरी को गोली मार मारकर मौत का घाट उतार दिया था। जिसके बाद से दोनों फरार चल रहे थे।
एसपी के निर्देश पर छापामारी दल का गठन कर दोनों आरोपियों को दबोचा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जगन्नाथपुर के नेतृत्व में एक छापामारी दल का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए बिजय लागुरी को हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र के जयपुर से शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। उनके निशानदेही पर कांड में प्रयुक्त एक देशी पिस्टल, फायर पिलेट एवं 2 (दो) जिंदा गोली बरामद किया गया है। इसके बाद शनिवार को मुख्य आरोपी छोटे भाई महेन्द्र लागुरी को विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों ने इस कांड में अपने संलिप्तता स्वीकार किये है।
छापेमारी दल में रफाएल मुर्मू, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जगन्नाथपुर, उत्तम तिवारी, थाना प्रभारी हाटगम्हरिया थाना, किशुन दास, सत्यलाल, सुकलाल टुडू, यदूनदन महतो, हाटगम्हरिया सशस्त्र बल।

