
दुमका: बाबा भोलेनाथ के भक्तों को श्रावणी मेले से पहले बड़ी सौगात मिलने जा रही है। 25 जुलाई को देवघर-बासुकीनाथ फोरलेन खुल जाएगा। बिहार के सुल्तानगंज (अजगैबीनाथ) से पवित्र गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ में जलार्पण करने के बाद लाखों श्रद्धालु बाबा बासुकीनाथ के दरबार पहुंचते हैं। बासुकीनाथ आने वाले करीब 90 प्रतिशत श्रद्धालु सड़क मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। इस साल 30 जुलाई से शुरू हो रहे विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले से ठीक पहले, श्रद्धालुओं को जाम और लंबी दूरी से मुक्ति मिलने जा रही है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण NHAI आगामी 25 जुलाई को नवनिर्मित देवघर-बासुकीनाथ फोरलेन सड़क का उद्घाटन करने जा रहा है। पिछले साल सड़क निर्माण कार्य चलने के कारण गाड़ियों को काफी घूमकर चौपा मोड़, सरैयाहाट और हंसडीहा के रास्ते जाना पड़ा था। इससे श्रद्धालुओं का समय और ईंधन दोनों ज्यादा बर्बाद हुआ था। लेकिन इस बार कांवड़ियों को करीब 45 किलोमीटर लंबी बेहद आधुनिक और सुरक्षित फोरलेन सड़क की सुविधा मिलेगी। इससे देवघर से बासुकीनाथ की दूरी सवा घंटे के बजाय महज 45 से 50 मिनट में तय हो जाएगी।
पैदल और दंडी कांवड़ियों के लिए बना स्पेशल ट्रैक
वाहनों की आवाजाही के बीच पैदल और दंडवत यात्रा करने वाले शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं। हादसे रोकने के लिए मुख्य सड़क के किनारे 36 किलोमीटर लंबा और 3.5 मीटर चौड़ा अलग से कांवड़िया पथ बनाया गया है। इस पूरे रास्ते पर कांवड़ियों के बैठने की जगह, पीने के पानी तथा रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की गई है। इसका रख-रखाव सालभर NHAI करेगा। इसके अलावा, पूरे मार्ग के डिवाइडर पर पेड़-पौधे लगाए जा रहे हैं, ताकि कांवड़ियों को हरियाली और छांव मिल सके।

