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Palamu News : पलामू में 11 हजार वोल्ट की चपेट में आया बिजली मिस्त्री, हो गई मौत

शटडाउन के बाद कर्मचारी विद्युत पोल पर चढ़ा था। ऐसे में विद्युत विभाग की ओर से फिलहाल तकनीकी कारणों की पड़ताल की जा रही है।

by Rakesh Pandey
jharkhand bijli ke jhatke
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पलामू : झारखंड के पलामू जिले में विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। तरहसी प्रखंड के सेलारी गांव स्थित सुखरो टोला में ट्रांसफार्मर का विद्युत फाल्ट ठीक कर रहे एक अनुबंधित बिजली मिस्त्री की 11 हजार वोल्ट की उच्चदाब लाइन से करंट लगने से मौत हो गई। सबसे गंभीर बात यह है कि विभागीय प्रक्रिया के तहत शटडाउन लेने के बाद कर्मचारी विद्युत पोल पर चढ़ा था। ऐसे में बिजली आपूर्ति बंद रहने के बावजूद उसे करंट कैसे लगा, इसे लेकर विद्युत विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

एक सप्ताह से बाधित थी बिजली की आपूर्ति

घटना शनिवार देर शाम की है। जानकारी के अनुसार, सेलारी गांव के सुखरो टोला में पिछले एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति बाधित थी। शिकायत मिलने के बाद विद्युत विभाग की ओर से अनुबंधित बिजली मिस्त्री सत्येन्द्र महतो को ट्रांसफार्मर का फाल्ट ठीक करने के लिए भेजा गया था। बताया गया कि आवश्यक शटडाउन लेने के बाद सत्येन्द्र महतो बिजली के खंभे पर चढ़कर मरम्मत कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक 11 हजार वोल्ट की उच्चदाब लाइन से उन्हें तेज करंट लगा और वह पोल पर ही अचेत होकर लटक गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

मृतक सात-आठ वर्षों से कर रहे थे विभाग में काम

मृतक की पहचान तरहसी थाना क्षेत्र के परसावा गांव निवासी 35 वर्षीय सत्येन्द्र महतो के रूप में हुई है। वह पिछले सात से आठ वर्षों से अनुबंध के आधार पर विद्युत विभाग में कार्यरत थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार के लोग घटनास्थल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। शव का पोस्टमार्टम मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कराया जाएगा।

परिजनों ने शव उतारने से रोका, अधिकारियों को बुलाने की मांग

हादसे के बाद जब विभागीय कर्मचारी शव को विद्युत पोल से नीचे उतारने पहुंचे तो परिजनों ने उन्हें रोक दिया। उनका कहना था कि जब तक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचेंगे, तब तक शव नहीं उतारा जाएगा। करीब चार घंटे तक घटनास्थल पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। तरहसी थाना पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। बाद में विभाग के अधिकारियों, अंचल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समझाने पर सहमति बनी। इसके बाद रात लगभग 11 बजे शव को नीचे उतारा गया।

मुआवजे और नौकरी की मांग

परिजनों ने मृतक के आश्रितों को सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। मौके पर पहुंचे विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने तत्काल विभागीय नियमों के अनुसार 5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। इसके अलावा अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार रुपये की सहायता राशि भी उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने अन्य सरकारी लाभ दिलाने का भी आश्वासन दिया।

विभाग ने शुरू की हादसे की जांच

विद्युत विभाग के सहायक अभियंता विकास कुमार ने बताया कि शटडाउन लेने के बावजूद बिजली मिस्त्री को करंट कैसे लगा, इसकी विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मृतक के परिजनों को नौकरी दिए जाने की मांग पर विभागीय स्तर पर विचार किया जाएगा। फिलहाल तकनीकी कारणों की पड़ताल की जा रही है, ताकि हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सके।

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