
रांची : झारखंड में चौकीदार भर्ती को ले हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। इस फैसले से चौकीदार बनने का सपना देख रहे युवाओं बड़ी राहत मिली है। अदालत ने साफ कर दिया है कि किसी भी योग्य उम्मीदवार को सिर्फ इसलिए नौकरी देने से मना नहीं किया जा सकता कि वह उसी खास बीट क्षेत्र का रहने वाला नहीं है।
हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने गोड्डा जिले की एक चौकीदार भर्ती से जुड़े मामले में यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने झारखंड सरकार और गोड्डा जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि वे इस मामले पर दोबारा विचार करें और नियमों के तहत योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपें।
गोड्डा जिले में चौकीदार के 276 पदों पर बहाली निकाली गई थी। विशाल हेंब्रम और कुछ अन्य युवाओं ने लिखित और शारीरिक जांच परीक्षा पास कर लिए थे। लेकिन जब फाइनल रिजल्ट आया तो केवल 109 अभ्यर्थियों को ही चुना गया और कई पद खाली छोड़ दिए गए।
नहीं रहेगी बीट क्षेत्र की बाध्यता
उम्मीदवारों का आरोप था कि उनसे कम नंबर लाने वालों का सिलेक्शन हो गया, लेकिन उन्हें सिर्फ इसलिए छांट दिया गया क्योंकि वे उस खास बीट क्षेत्र के निवासी नहीं थे। सरकार भी कोर्ट में उम्मीदवारों को रिजेक्ट करने की कोई और ठोस वजह नहीं बता सकी।
हाई कोर्ट ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि चौकीदार भर्ती नियमावली 2015 और विज्ञापन की शर्तों में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि उम्मीदवार का उसी बीट का होना अनिवार्य है। अगर किसी खास इलाके में योग्य उम्मीदवार नहीं मिलता है तो पास के दूसरे इलाके के योग्य व्यक्ति को नौकरी दी जा सकती है।
सिर्फ रहने की जगह के आधार पर भेदभाव करना कानूनन सही नहीं है। अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगर ये उम्मीदवार बाकी सभी पैमानों पर सही हैं और कोई कानूनी बाधा न हो तो इन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान करें ।
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