
खूंटी : भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय समाज समेत आम लोगों के लिए भी आदर्श हैं। अब उनकी जन्मभूमि उलिहातू की सूरत जल्द ही बदलने वाली है। केंद्र सरकार इस ऐतिहासिक गांव को एक बेहतरीन जनजातीय मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने जा रही है। इसी सिलसिले में भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव बृज नंदन प्रसाद शनिवार को खुद खूंटी पहुंचे। उन्होंने जिले के उपायुक्त मो. जावेद हुसैन और अन्य अधिकारियों के साथ एक बड़ी बैठक की और विकास योजनाओं का खाका तैयार किया।
गांव की बेहतरी के लिए बनेगा मास्टर प्लान
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में उलिहातू को हर सुविधा से लैस करने पर चर्चा हुई। संयुक्त सचिव ने साफ कहा कि अगर उलिहातू को सच में एक आदर्श गांव बनाना है, तो सभी सरकारी विभागों को मिलकर काम करना होगा। इस योजना के तहत गांव में स्वास्थ्य, शिक्षा, साफ- सफाई, पानी, पक्की सड़कें, खेती-बाड़ी, पशुपालन, सिंचाई और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। ताकि दूर दराज से आनेवाले सैलानियों को सचमुच आदर्श गांव होने की फील हो। लोगों के बात-व्यवहार एवं रहन-सहन से प्रभावित हों।
महिलाओं को रोजगार और बेहतर स्वास्थ्य पर जोर
बैठक में ग्रामीणों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए स्वयं सहायता समूहों के जरिए उन्हें बैंकों से जोड़ा जाएगा और उन्हें कमाई के नए साधन दिए जाएंगे।
गांव के उप-स्वास्थ्य केंद्र को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि लोगों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए बच्चों और माताओं को अच्छा पोषण व समय पर टीका मिलेगा। इलाके से बाल विवाह और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
पानी की सप्लाई और खेल को बढ़ावा
गांव में पीने के पानी की किल्लत दूर करने के लिए वाटर सप्लाई की व्यवस्था ठीक की जाएगी। साथ ही बाल विवाह और नशाखोरी के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली स्थित बिरसा ओड़ा के जीर्णोद्धार कार्यों की समीक्षा करते हुए कार्यों को समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने को कहा गया।
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