
Jamshedpur : झारखंड के जमशेदपुर में व्यवहार न्यायालय (कोर्ट) परिसर के पास से हुए युवक के अपहरण मामले का सीतारामडेरा थाना पुलिस ने महज तीन दिनों के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया है, जबकि इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से अपहरण में इस्तेमाल की गई कार और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई को छायानगर निवासी सुशील डे के कोर्ट परिसर के समीप से अपहरण किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही सीतारामडेरा थाना में कांड संख्या 74/26 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर तेजी से कार्रवाई की। इसी क्रम में अपहृत युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया गया।
शनिवार को पुलिस ने इस मामले के नामजद आरोपी मोनी मोहंती उर्फ चितरंजन मोहंती और कृष्णा यादव उर्फ दबंग को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अपहरण में प्रयुक्त चारपहिया वाहन (जेएच-05डीए-4721) और एक मोबाइल फोन भी बरामद कर जब्त कर लिया। पुलिस का कहना है कि इस वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
मुख्य आरोपी पर दर्ज हैं 12 आपराधिक मामले
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मोनी मोहंती उर्फ चितरंजन मोहंती का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ गोलमुरी, सीतारामडेरा, मानगो और ओलिडीह थाना सहित विभिन्न थानों में आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी, मारपीट समेत गंभीर धाराओं के तहत कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपी के आपराधिक नेटवर्क, उसके सहयोगियों और अपहरण की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मामले से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।

