
देवघर : अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में है। इस घटना से आहत होकर देवघर के विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर स्थित श्रीराम मंदिर में ‘ऋषि ब्रह्मर्षि सांस्कृतिक मंच’ द्वारा एक विशेष क्षमा याचना हवन का आयोजन किया गया।
मंच के महासचिव मणिशंकर ने कहा कि सनातन धर्म की परंपरा के अनुसार, जब भी किसी धार्मिक कार्य में कोई कमी या अनहोनी होती है, तो भगवान से क्षमा मांगी जाती है। उन्होंने बेहद दुख जताते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के खजाने से करोड़ों रुपये की चोरी होना बेहद शर्मनाक है। इस पाप के लिए हम सभी सनातनी भगवान राम के सामने सिर झुकाकर माफी मांग रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी से की अयोध्या जाकर माफी मांगने की अपील
हवन के बाद मंच के महासचिव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक बड़ी मांग की। कहा कि 22 जनवरी 2024 को पीएम मोदी ने ही प्रभु श्रीराम की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की थी। आज जब मंदिर के चंदे में करोड़ों की चोरी की बात सामने आई है, तो देश-विदेश के उन करोड़ों रामभक्तों का दिल टूट गया है जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई मंदिर निर्माण के लिए दान की थी। वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
मणिशंकर ने मांग की कि प्रधानमंत्री मोदी को खुद अयोध्या जाकर इस प्रशासनिक चूक को स्वीकार करना चाहिए और संघ के शीर्ष नेतृत्व के साथ प्रभु श्रीराम से क्षमा मांगनी चाहिए। साथ ही, उन्हें देश की जनता को भरोसा दिलाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी।
सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में जांच कराने की मांग
इस क्षमा याचना कार्यक्रम में सनातन समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हुए। नेताओं ने सवाल उठाया कि जब मंदिर परिसर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, तो सालों तक इस चोरी का पता क्यों नहीं चला? उन्होंने मांग की कि पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को इस मामले में पारदर्शिता दिखाते हुए सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
इस पूरे अनुष्ठान को आचार्य लंबोदर परिहस्त और देवनारायण फलाहारी ने मंत्रोच्चारण के साथ पूरा कराया। इस मौके पर राजेंद्र दास, प्रो. उदय प्रकाश, बृजभूषण राम, अनुराग आनंद, पंकज भारती सहित कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

