
Jamshedpur : शहर की पार्किंग व्यवस्था और पार्किंग शुल्क की वसूली को लेकर जन विकास मंच के प्रमुख एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी समाजसेवी सौरभ विष्णु ने जिला प्रशासन और जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पार्किंग से होने वाले राजस्व की पारदर्शिता और जेएनएसी की वैधानिक स्थिति की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
सौरभ विष्णु ने बताया कि उन्होंने 30 अप्रैल 2026 को उपायुक्त कार्यालय में लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों को भी इस संबंध में पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1996 में आए सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद जेएनएसी की वैधानिक स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में यदि संस्था की कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं है, तो उसके माध्यम से पार्किंग स्थलों की नीलामी और पार्किंग शुल्क की वसूली किस आधार पर की जा रही है, यह जनता को बताया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से यह भी पूछा कि पार्किंग शुल्क के रूप में वसूली गई राशि में से कितना पैसा झारखंड सरकार के खाते में जमा हो रहा है और उसका पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा।
सौरभ विष्णु का आरोप है कि शहर में जेएनएसी के आठ अधिकृत पार्किंग जोन हैं, लेकिन टेंडर केवल एक पार्किंग जोन का ही हुआ है। इसके बावजूद कई स्थानों पर निजी लोगों द्वारा पार्किंग शुल्क वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यदि ऐसा हो रहा है तो यह सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ प्रशासनिक जवाबदेही का भी गंभीर मामला है।
उन्होंने विशेष रूप से आम बागान मैदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थल जेएनएसी के अधिकृत पार्किंग जोन में शामिल नहीं है, फिर भी यहां दोपहिया और चारपहिया वाहनों से पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह अधिकृत पार्किंग स्थल नहीं है तो यहां शुल्क वसूली किसके आदेश पर हो रही है, वसूली गई राशि किसके पास जा रही है और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।

jamshedpur parking jharkhand
सौरभ विष्णु ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जेएनएसी की वैधानिक स्थिति, पार्किंग स्थलों की नीलामी प्रक्रिया, पार्किंग से होने वाली आय, पिछले वर्षों के राजस्व रिकॉर्ड और सभी पार्किंग जोनों की टेंडर प्रक्रिया की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने सभी अवैध पार्किंग स्थलों पर तत्काल शुल्क वसूली बंद कराने, पूरे मामले का विशेष ऑडिट कराने तथा दोषी अधिकारी, कर्मचारी, ठेकेदार या निजी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि शहर की पार्किंग व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

