
नई दिल्ली/रांची : झारखंड में निवेश, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी और पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से राज्य सरकार बुधवार (आज) से नई दिल्ली में दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का आयोजन कर रही है। 8 और 9 जुलाई को राजधानी के ताज होटल में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में देश-विदेश के निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, नीति विशेषज्ञ, तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों के हितधारक शामिल होंगे।
राज्य सरकार का लक्ष्य झारखंड की औद्योगिक क्षमता, निवेश की संभावनाओं और नई नीतियों को प्रमुख निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करना है। “एक्सप्लोर इनफिनिट अपॉर्च्युनिटीज” विषय पर आधारित यह सम्मेलन राज्य में निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के पहले दिन डिजिटल गवर्नेंस और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर रहेगा जोर
सम्मेलन का पहला सत्र 8 जुलाई को दोपहर दो बजे से शुरू होगा। पहले दिन डिजिटल प्रशासन, सूचना प्रौद्योगिकी अवसंरचना और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विकास पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। इस दौरान आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी पार्क, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निवेश की संभावनाओं पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। साथ ही उद्योग जगत और सरकार के बीच प्रत्यक्ष संवाद का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे निवेशकों की अपेक्षाओं और राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा हो सके।
झारखंड AI नीति और तकनीकी निवेश पर होगी अहम चर्चा
सम्मेलन के पहले दिन “झारखंड में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का भविष्य” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें राज्य सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे कृत्रिम बुद्धिमत्ता नीति प्रारूप पर विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श होगा।
इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और विभिन्न कंपनियों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में तकनीकी निवेश, नवाचार और डिजिटल उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
दूसरे दिन निवेश, पर्यटन और औद्योगिक विकास पर होगा मंथन
9 जुलाई को सम्मेलन का दूसरा दिन निवेश, समावेशी विकास और पर्यटन क्षेत्र पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान झारखंड की प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक और पर्यावरणीय पर्यटन की संभावनाओं को निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके साथ ही औद्योगिक प्रोत्साहन, नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, आधारभूत संरचना के विकास और निवेश संबंधी चुनौतियों पर विभिन्न हितधारकों के साथ विस्तृत चर्चा होगी। सरकार का उद्देश्य उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर राज्य में निवेश को गति देना है।
कई बड़े औद्योगिक समूहों के साथ हो सकते हैं महत्वपूर्ण समझौते
सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार और विभिन्न औद्योगिक समूहों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाने की योजना है। इन समझौतों के माध्यम से विनिर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, वस्त्र उद्योग और अन्य क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि प्रस्तावित निवेश से राज्य में नए उद्योग स्थापित होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सम्मेलन के समापन पर प्रमुख उपलब्धियों और समझौतों की जानकारी मीडिया के साथ साझा की जाएगी।
कई नई नीतियों के प्रारूप होंगे जारी
दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के दौरान राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण नीतियों के प्रारूप भी जारी करेगी। इनमें झारखंड कृत्रिम बुद्धिमत्ता नीति, झारखंड निवेश प्रोत्साहन नीति, झारखंड पर्यटन नीति, झारखंड वस्त्र नीति, झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जियाडा) विनियम तथा लोक-निजी भागीदारी नीति के अवधारणा पत्र शामिल हैं।

