
रांची : रांची में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। कांटाटोली चौक के पास पेट्रोल छिड़ककर ऑटो चालक को जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। इसके पीछे का कारण यह था कि उसने ऑटो मालिक से काम छोड़ने की बात कही थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया है। दोनों नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
सिटी डीएसपी केवी रमण ने शनिवार को बताया कि मामला लोअर थाना क्षेत्र में 12 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया था। मो आरिफ उर्फ गुड्डु ने अपने बड़े भाई मो समीर उर्फ सोनू पर कांटाटोली चौक के समीप जान से मारने की नीयत से पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का आरोप लगाते हुए लोअर बाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
वरीय पुलिस अधीक्षक रांची के निर्देश पर मामले के आरोपित मो असलम और संटू उर्फ मो जुबरेल कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपितों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
काम छोड़ने की इच्छा जताने से बौखलाए
जानकारी के मुताबिक रांची के कांटाटोली में ऑटो चालक मो समीर को सिर्फ इसलिए जिंदा जलाने की कोशिश की गई क्योंकि उसने काम छोड़ने की इच्छा जताई थी। उसने 10 साल तक उनके यहां वफादारी से काम किया था। पीड़ित का इलाज रिम्स अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
समीर पिछले 10 सालों से नामकुम निवासी मोहम्मद असलम का ऑटो चलाता था। 11 जुलाई को समीर ने अपने मालिक असलम से कहा कि वह अब आगे उसकी गाड़ी नहीं चला पाएगा और काम छोड़ना चाहता है।
समीर की यह बात सुनते ही असलम गुस्से से आगबबूला हो गया। उसने न सिर्फ समीर से झगड़ा किया, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी दे डाली।
दिनदहाड़े दिया वारदात को अंजाम
आरोप है कि उसी दिन शाम करीब 5:30 बजे कांटाटोली के यूनियन बैंक के पास एक खौफनाक साजिश रची गई। असलम के बेटे मोहम्मद रूमन और उसके एक साथी सिंटू मिस्त्री ने समीर को घेरा, उस पर पेट्रोल छिड़का और माचिस जलाकर आग लगा दी। इस अचानक हुए हमले में समीर का शरीर बुरी तरह जल गया। उसकी दोनों कलाइयां, हाथ, छाती और पेट आग की चपेट में आ गए। लहूलुहान और झुलसी हालत में उसे तुरंत रिम्स दाखिल कराया गया।

