
धनबाद : जिले के रामकनाली ओपी क्षेत्र में आने वाली बुट्टू बाबू बंगला बस्ती में रविवार को जमीन धंसने (भू-धंसान) की घटना सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से हो रही तेज बारिश के बीच अचानक जमीन धंस गई। इससे करीब छह मकान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गए। हालांकि प्रशासन ने इस खतरे को देखते हुए इलाके को पहले ही खाली करा लिया था, जिसकी वजह से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और किसी की जान नहीं गई।
पुराना है कोयला खदानों का खतरा
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, यह पूरा इलाका काफी समय से भूमिगत कोयला खदानों के असर के कारण बेहद संवेदनशील बना हुआ है। कुछ महीने पहले भी इसी बस्ती में जमीन धंसने से कई घर जमींदोज हो गए थे। पास की ही एक आउटसोर्सिंग खदान में मलबा गिरने से छह लोगों की जान चली गई थी।
उस बड़े हादसे के बाद बीसीसीएल प्रबंधन ने सतर्कता बरतते हुए बस्ती को खाली करा दिया था और लोगों को दूसरी जगह बसाने (पुनर्वास) का काम शुरू किया था। इसी वजह से इस बार एक भी शख्स को चोट नहीं आई।
भले ही लोग सुरक्षित हैं, लेकिन बरसों पुराने अपने घरों को मलबे में बदलते देख विस्थापित परिवार बेहद भावुक और दुखी नजर आए। लोगों का कहना है कि उनकी जिंदगी भर की यादें इन मकानों से जुड़ी थीं। लगातार हो रही बारिश ने बस्ती के बाकी हिस्सों पर भी खतरा बढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों को डर है कि पास में स्थित दो पुराने मंदिर और कुछ ही दूरी पर बह रही कतरी नदी भी इस भू-धंसान की जद में आ सकते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन से मांग की है कि पूरे इलाके की सुरक्षा बढ़ाए जाए और

