
पलामू : झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली को लेकर राजनीति गर्मा गई है। रांची में छात्रों पर दर्ज मुकदमों के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने राज्यभर में प्रदर्शन किया। पलामू समाहरणालय के सामने भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पूर्व राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश और सदर एसडीपीओ राजेश यादव के बीच तीखी बहस हो गई। यह पूरी घटना पलामू सांसद विष्णुदयाल राम के भाषण के दौरान हुई।
भाषण के समय सदर एसडीपीओ राजेश यादव अपने कार्यालय जाने के लिए समाहरणालय पहुंचे थे। उस समय समाहरणालय का मुख्य गेट बंद था। एसडीपीओ ने गेट खुलवाने का प्रयास किया। इसी बात को लेकर भाजपा कार्यकर्ता उनसे उलझ गए। देखते ही देखते पूर्व सांसद दीपक प्रकाश भी वहां पहुंच गए। दोनों के बीच काफी देर तक कहासुनी होती रही। बाद में पुलिस अधिकारी को दूसरे रास्ते से अपने दफ्तर जाना पड़ा।
कार्यकर्ताओं की आवाज दबाना चाहती है पुलिस
घटना के बाद भाजपा नेताओं में काफी नाराजगी देखी गई। भाजपा के पलामू जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने पुलिस प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी पूर्व सूचना के अनुसार शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बल प्रयोग करके कार्यकर्ताओं की आवाज दबाना चाहती है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि लाठी और ताकत के दम पर कार्यकर्ताओं को डराया नहीं जा सकता।
सीआईडी जांच पर उठाए सवाल, सीबीआई से जांच कराने की मांग
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर हमला बोला। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने सीआईडी जांच को महज एक दिखावा करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े घोटालेबाजों को बचाने के लिए सीआईडी जांच का नाटक रचा जा रहा है। सरकार केवल छोटे-छोटे लोगों को मोहरा बनाकर जेल भेज रही है। उन्होंने शराब घोटाले का उदाहरण देते हुए सीआईडी की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
पलामू सांसद विष्णुदयाल राम ने भी राज्य सरकार की नीयत पर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में भ्रम फैलाने के लिए ही सीआईडी को जांच सौंपी गई है। जब मामला दूसरे राज्यों से जुड़ चुका है, तो इसकी जांच तुरंत सीबीआई को सौंप देनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन में विधायक आलोक चौरसिया और डॉ. शशिभूषण मेहता समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
बोकारो और कोडरमा में भी प्रदर्शन
पलामू के साथ-साथ बोकारो और कोडरमा में भी भाजपा नेताओं ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। बोकारो में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय का घेराव किया। मधु कोड़ा ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं को मंडी बनाकर नौकरियां बेची जा रही हैं। उन्होंने जंगलात अधिकारियों के पदों में भी लाखों रुपये के लेनदेन का गंभीर आरोप लगाया।
वहीं कोडरमा में हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने विरोध रैली की कमान संभाली। उन्होंने कहा कि हक की आवाज उठाने वाले एक हजार से अधिक निर्दोष छात्रों पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए हैं। अब छात्रों के परिवारों को डराया-धमकाया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
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