
रांची : पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का रांची स्थित फार्म हाउस अचानक चर्चा में आ गया है। रातू के दलादिली इलाके में बने इस विशाल परिसर में एक जहरीला कोबरा सांप देखा गया। परिसर में अचानक कोबरा नजर आते ही वहां काम कर रहे कर्मचारियों में खलबली मच गई।
कर्मचारियों ने तुरंत इसकी जानकारी स्नेक रेस्क्यू एक्सपर्ट नारायण प्रमाणिक को दी। सूचना मिलते ही विशेषज्ञों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने सबसे पहले सांप की लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद बेहद सावधानी और कड़ी मशक्कत के साथ कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया गया।
पकड़ा गया कोबरा लगभग 18 साल पुराना बताया जा रहा है। रेस्क्यू के दौरान सांप को हल्की चोट आ गई थी। एक्सपर्ट्स ने तुरंत उसकी प्राथमिक देखभाल की। इसके बाद उसे इंसानी आबादी से दूर सुरक्षित जंगल में ले जाकर छोड़ दिया गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय धोनी या उनके परिवार का कोई भी सदस्य फार्म हाउस में मौजूद नहीं था। सांप निकलने की खबर सुनते ही आसपास के कई लोग मौके पर जमा हो गए थे। हालांकि, समय रहते रेस्क्यू होने से एक बड़ा हादसा टल गया।
सांप को पकड़ने के बाद नारायण प्रमाणिक ने आम लोगों से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि घरों या रिहायशी इलाकों में सांप दिखने पर घबराएं नहीं। लोगों को सांप को मारने या खुद पकड़ने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत प्रशिक्षित एक्सपर्ट्स या वन विभाग को खबर देनी चाहिए। इससे इंसानों की सुरक्षा भी बनी रहती है और बेजुबान वन्यजीव भी सुरक्षित बच जाते हैं।
सबसे पहले साप के बारे में लेती है जानकारी
रेस्क्यू टीम के सदस्य बताते हैं कि फोन पर सूचना मिलते ही सबसे पहले यह पूछा जाता है कि सांप कहां दिखाई दिया है, उसका आकार कैसा है और वह अभी भी उसी जगह मौजूद है या कहीं छिप गया है। घर के लोगों को सलाह दी जाती है कि वे सांप के पास न जाएं और कमरे में भीड़ न लगाएं।

रेस्क्यूअर घर में पहुंचने के बाद सीधे सांप को पकड़ने की कोशिश नहीं करता। पहले वह आसपास की स्थिति देखता है। कमरे में रखे सामान, फर्नीचर, बिस्तर, अलमारी और दीवारों के आसपास संभावित छिपने की जगहों को सुरक्षित दूरी से देखा जाता है। अगर सांप दिखाई दे रहा हो तो रेस्क्यूअर उसकी गतिविधि पर नजर रखता है और उसे अनावश्यक रूप से छेड़ने से बचता है। कोबरा को घेरने या डराने की कोशिश करने के बजाय उसे नियंत्रित तरीके से सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी की जाती है।
सांप को पकड़ने के लिए इस्तेमाल होते हैं विशेष उपकरण
प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम आम तौर पर सांप को संभालने के लिए स्नेक हुक, टोंग्स या अन्य उपयुक्त रेस्क्यू उपकरण का इस्तेमाल करती है। कौन-सा उपकरण इस्तेमाल करना है, यह सांप की प्रजाति, उसकी स्थिति और आसपास की जगह पर निर्भर करता है। रेस्क्यूअर का अनुभव यहां बेहद महत्वपूर्ण होता है। जहरीले सांप के मामले में छोटी सी गलती भी खतरनाक हो सकती है। इसलिए सांप को हाथ से पकड़ने या उसके सिर के पास जाने जैसी जोखिम भरी कोशिश प्रशिक्षित व्यक्ति भी परिस्थितियों के अनुसार ही करता है।
सबसे मुश्किल काम होता है छिपे सांप को ढूंढना
कई बार सांप लोगों को दिखाई देने के बाद अचानक किसी बिस्तर, अलमारी, लकड़ी के ढेर या दूसरे सामान के पीछे छिप जाता है। ऐसी स्थिति में रेस्क्यू टीम जल्दबाजी नहीं करती। घरवालों को कमरे से बाहर किया जाता है और संभावित जगहों को एक-एक करके देखा जाता है। बिना जरूरत सामान हटाने या सांप को उकसाने से बचा जाता है। रेस्क्यूअर का लक्ष्य सांप को ऐसी स्थिति में लाना होता है, जहां उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा सके।
कोबरा फन फैलाए तो क्या करती है टीम
कोबरा खतरा महसूस करने पर फन फैला सकता है। यह उसके रक्षात्मक व्यवहार का हिस्सा है। ऐसे समय में उसे और परेशान करना जोखिम बढ़ा सकता है। रेस्क्यूअर दूरी बनाए रखते हुए उसकी गतिविधि पर नजर रखता है और उपयुक्त उपकरण की मदद से उसे नियंत्रित करता है। इस दौरान आसपास खड़े लोगों को पीछे रहने के लिए कहा जाता है, क्योंकि सांप अचानक कुछ दूरी तक हमला कर सकता है। रेस्क्यूअर का कहना है कि सांप दिखने पर सबसे बड़ी गलती लोग यही करते हैं कि वे उसे घेर लेते हैं। कई लोग फोटो और वीडियो बनाने के लिए उसके बेहद करीब चले जाते हैं। इससे सांप तनाव में आ सकता है और काटने का खतरा बढ़ जाता है।

