
Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत जिला परिषद क्षेत्र संख्या-11 में जिला परिषद सदस्य सविता सरदार के पति मनोज सरदार के खिलाफ ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वह सरकारी विकास कार्यों में कथित रूप से हस्तक्षेप करते हैं, कार्यों में बाधा डालते हैं और विरोध करने पर धमकी देते हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में सड़क, नाली, भवन, पेयजल और विद्युत समेत विभिन्न विकास योजनाओं पर काम चल रहा है। आरोप है कि मनोज सरदार द्वारा बिना किसी वैधानिक अधिकार के शिलान्यास, उद्घाटन और सरकारी बैठकों में पदाधिकारी की तरह हस्तक्षेप किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे विकास कार्यों के सुचारू संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही है।
अवैध वसूली और धमकी देने का आरोप
ग्रामीणों ने उपायुक्त को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि विकास कार्यों से जुड़े लोगों से कथित रूप से अवैध राशि की मांग और वसूली की जाती है। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियों का विरोध करने पर धमकी दी जाती है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने वालों को एससी/एसटी अधिनियम के तहत झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि कथित दबंगई के कारण क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।
अधिकारों की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने डीसी से मांग की कि शिलान्यास, उद्घाटन और सरकारी बैठकों में निर्वाचित प्रतिनिधि अथवा पदाधिकारी के रूप में हस्तक्षेप करने के अधिकार की जांच कराई जाए। साथ ही सरकारी विकास कार्यों में कथित अनधिकृत हस्तक्षेप, अवैध वसूली और धमकी के आरोपों की निष्पक्ष एवं गंभीर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ज्ञापन पर करीब दो दर्जन ग्रामीणों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। ग्रामीणों ने झारखंड पंचायती राज अधिनियम, 2001 की धारा 67 तथा पंचायत राज विभाग के विभागीय पत्रांक-1485, दिनांक 06 जून 2013 के आलोक में जिला परिषद सदस्य एवं उनके पति के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

