
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आसनतलिया पंचायत स्थित दलकी गांव में अंधविश्वास के कारण हिंसा का दुखद मामला प्रकाश में आया है। मंगलवार रात लगभग 8 बजे कुप्रथा और अंधविश्वास के वशीभूत होकर कुछ लोगों ने 65 वर्षीय वृद्धा सुमोती महाली पति- जगदीश महाली पर डायन-बिसाही का झूठा आरोप लगाते हुए उन पर बर्बरतापूर्वक हमला कर दिया।
परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया, इलाज जारी
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल वृद्धा की स्थिति बुधवार तड़के अचानक अधिक बिगड़ गई। परिजन आनन-फानन में उन्हें चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।
पुराने विवाद और लगातार प्रताड़ना का आरोप
पीड़ित परिवार के अनुसार गांव के ही चिकनी मुंडारी, मिलु मुंडारी, बाया मुंडारी, मोटू, तुराम, राजू तथा अन्य लोगों ने सुमोती महाली को निशाना बनाया और बेदर्दी से मारपीट की। परिजनों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ है; इससे पूर्व भी दो बार महिला के साथ इसी तरह की हिंसा की जा चुकी है। बार-बार हो रहे इन हमलों के कारण पीड़ित परिवार खौफ और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही चक्रधरपुर थाना पुलिस तुरंत अनुमंडल अस्पताल पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने पीड़िता और उनके परिजनों के बयान दर्ज किए और मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासनिक सख्ती के बाद भी नहीं थम रहा अंधविश्वास
झारखंड में डायन-प्रथा और अंधविश्वास के खिलाफ कड़े कानून लागू होने तथा जागरूकता अभियानों के बावजूद ऐसी अमानवीय घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नामजद आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।

