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Jharkhand Special Intensive Revision : एसआईआर के लिए नया जाति-आवासीय प्रमाण पत्र जरूरी नहीं, सीएससी में फर्जीवाड़े पर होगी सख्त कार्रवाई

by Nikhil Kumar
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साहेबगंज जैसी अनियमितता दोबारा नहीं हो, सीएससी केंद्रों की निगरानी बढ़ाने का निर्देश
रांची : विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बुधवार को राज्य के सभी जिलों के सीएससी प्रबंधकों और उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर तैयारियों और सत्यापन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर के लिए नागरिकों को विशेष रूप से नया जाति प्रमाण पत्र या आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने की जरूरत नहीं है। पहले से उपलब्ध वैध दस्तावेजों और सरकारी अभिलेखों के आधार पर ही सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जानी है।

बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने साहेबगंज के सीएससी में सामने आई अनियमितता जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सक्षम पदाधिकारी से जारी वैध पारिवारिक सूची, वंशावली, खतियान की प्रति और अन्य उपलब्ध अभिलेख सत्यापन के लिए उपयोग किए जा सकते हैं। इन्हीं अभिलेखों का इस्तेमाल जाति या आवासीय प्रमाण पत्र तैयार करने में भी किया जाता है। इसलिए एसआईआर के नाम पर लोगों को अनावश्यक रूप से नए प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रेरित या बाध्य नहीं किया जाए।
सीएससी की सेवाएं सिर्फ भारतीय नागरिकों के लिए के. रवि कुमार ने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की सेवाएं केवल भारतीय नागरिकों के लिए हैं। केंद्र संचालक नागरिकों को सही प्रक्रिया की जानकारी दें और निर्धारित नियमों के तहत ही सेवाएं उपलब्ध कराएं। विदेशी नागरिकों के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने अथवा उन्हें जमा कराने में सहयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मतदाता संबंधी डाटा में छेड़छाड़ पर कार्रवाई
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्वाचन संबंधी डाटा में उम्र से संबंधित किसी भी तरह के हेरफेर, अनधिकृत बदलाव या छेड़छाड़ से बचने की कड़ी हिदायत दी। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने या इस काम में सहयोग करने में किसी सीएससी केंद्र की भूमिका सामने आती है, तो उसकी जांच कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई होगी।
उन्होंने सभी उप निर्वाचन पदाधिकारियों और सीएससी प्रबंधकों को निर्देश दिया कि इन आदेशों से राज्य के सभी सीएससी केंद्रों को तत्काल अवगत कराया जाए और उनकी गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारी और सीएससी प्रबंधक ऑनलाइन शामिल हुए।

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