
Jamshedpur : शहर के चर्चित कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस ने हाईटेक तफ्तीश करते हुए पूरी साजिश का सनसनीखेज पर्दाफाश कर दिया है। अपराधियों को लगा था कि वारदात के बाद वे बच निकलेंगे, लेकिन सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और व्हाट्सएप चैट जैसे डिजिटल साक्ष्यों ने पुलिस को मास्टरमाइंड और शूटरों तक पहुंचा दिया। पुलिस अब मुख्य साजिशकर्ता अशोक सिंह राघव को रिमांड पर लेने की तैयारी में है।
व्हाट्सएप चैट और साकची से खरीदी कार ने खोले राज
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि शूटरों को निखार सबलोक की पहचान कराने के लिए व्हाट्सएप पर उनकी तस्वीर भेजी गई थी। इसके अलावा, रेकी की पूरी जानकारी भी डिजिटल चैट के जरिए साझा की गई थी। वारदात में इस्तेमाल की गई कार को जमशेदपुर के साकची से खरीदा गया था, जिसके खरीददारों और भुगतान करने वालों का सुराग पुलिस के हाथ लग चुका है। पुलिस ने अब तक दो अवैध हथियार भी बरामद किए हैं, जिनका बैलिस्टिक मिलान कराया जा रहा है।
गैंगवार और पुरानी रंजिश का एंगल, शूटर सागर की तलाश तेज
इस हत्याकांड के पीछे गणेश सिंह और अखिलेश सिंह गिरोह के बीच चल रहे वर्चस्व की जंग का एंगल सामने आया है। पुलिस देहरादून में हुए विक्रम शर्मा हत्याकांड के प्रतिशोध के कोण से भी मामले की जांच कर रही है। फिलहाल, धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड का आरोपी और मुख्य शूटर सागर सिंह फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

