
जमशेदपुर :टाटा स्टील के टिनप्लेट डिवीजन में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्लांट में मेंटेनेंस का काम चल रहा था। इसी दौरान 26 साल का ठेका मजदूर करण कुमार सिंह दुर्घटना का शिकार हो गया। वह भालूबासा इलाके का रहने वाला था। करण वेंडर कंपनी मेसर्स पूरणमल में काम करता था।
काम के दौरान करण मोबाइल एलिवेटेड वर्क प्लेटफॉर्म पर मौजूद था। अचानक उपकरण का बूम नीचे करते समय वह बूम और स्टैंड के बीच में बुरी तरह फंस गया। हादसा इतना भयानक था कि वहां अफरा-तफरी मच गई। साथी कर्मचारियों ने तुरंत उसे बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
करण अभी अविवाहित था। इतनी कम उम्र में बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बिहार में रह रहे उसके परिजन तुरंत जमशेदपुर के लिए रवाना हो गए। घर में कमाने वाले इकलौते सहारे के चले जाने से परिवार के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
उच्चस्तरीय जांच टीम गठित
घटना के बाद टाटा स्टील प्रबंधन ने गहरा दुख जताया है। कंपनी ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है। प्रबंधन का कहना है कि कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है। हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह हादसा किसी तकनीकी खराबी या मानवीय भूल की वजह से हुआ।
हादसे के बाद टाटा स्टील प्रबंधन, वेंडर कंपनी और मृतक के परिजनों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। परिजनों ने वेंडर कंपनी के सामने अपनी तीन मुख्य मांगें रखीं। इसमें 10 लाख रुपये का एकमुश्त मुआवजा देने की बात शामिल है। इसके अलावा आश्रित को 60 साल की उम्र तक 25 से 35 हजार रुपये प्रति माह पेंशन देने की मांग की गई है। परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की बात भी रखी गई है।
सूत्रों के मुताबिक वेंडर कंपनी ने परिजनों की इन सभी शर्तों पर अपनी सहमति जता दी है। हालांकि परिवार के सदस्य अब टाटा स्टील प्रबंधन की तरफ से आधिकारिक और लिखित पत्र का इंतजार कर रहे हैं। लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही परिजन आगे का फैसला लेंगे।
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक प्लांटों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेंटेनेंस जैसे संवेदनशील काम के दौरान मशीन संचालन में लापरवाही कैसे हुई, यह जांच का विषय है। अब हर किसी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है ताकि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जा सके।
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