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चाईबासा में ACC सीमेंट विवाद: त्रिपक्षीय वार्ता का बहिष्कार कर मुकरा प्रबंधन, आक्रोशित ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

आजादी के पहले से लगभग 80 वर्षों से चल रहे इस ऐतिहासिक एसीसी प्लांट का बंद होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, अगर इस बंदी से मजदूर बेरोजगार होते हैं, तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा- जितन दास

by Rajeshwar Pandey
West Singhbhum News
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी स्थित एसीसी (ACC) सीमेंट प्लांट को लेकर जारी गतिरोध शनिवार को उस समय और गंभीर हो गया, जब विवाद सुलझाने के लिए बुलाई गई उच्च स्तरीय महा-त्रिपक्षीय वार्ता पूरी तरह विफल हो गई। राज्य सरकार की पहल पर एसीसी क्लब ग्राउंड में आयोजित इस बैठक से कंपनी का कोई भी आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं पहुंचा, जिससे प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच की खाई और गहरी हो गई है।

 

प्रशासनिक अमला घंटों तक करता रहा इंतजार

इस महत्वपूर्ण बैठक में मामले को सुलझाने के लिए राज्य के मंत्री दीपक बिरुआ, चाईबासा एसडीओ संजय कुमार, एसडीपीओ बहामन टुटी और थाना प्रभारी राजीव रंजन समेत प्रशासनिक अमला घंटों तक इंतजार करता रहा। अधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय मजदूर, रैयत और ग्रामीण भी वहां मौजूद थे। कंपनी प्रबंधन के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये और बैठक से नदारद रहने के कारण कोई भी सर्वसम्मत निर्णय नहीं लिया जा सका।

 

मजदूरों और रैयतों में भारी नाराजगी

कंपनी के इस रुख से स्थानीय जनता और कामगारों में तीव्र आक्रोश है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय मजदूर नेता तूराम बिरूली ने इस संकट के समाधान के लिए पहले ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक ज्ञापन सौंपकर सीधे हस्तक्षेप की मांग की है।

रोजी-रोटी का संकट

स्थानीय रैयत जितन दास ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के पहले से, लगभग 80 वर्षों से चल रहे इस ऐतिहासिक एसीसी प्लांट का बंद होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर इस बंदी से मजदूर बेरोजगार होते हैं, तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

ग्रामीणों और रैयतों ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी

ग्रामीणों और रैयतों ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि यदि प्रबंधन ने जल्द ही वार्ता की मेज पर आकर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो वे एक उग्र और व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल, प्रशासन और ग्रामीणों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है, और सभी की नजरें कंपनी के अगले कदम पर टिकी हैं।

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