
Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक नगर और ग्रामीण की मौजूदगी में सभी पुलिस उपाधीक्षकों, अंचल निरीक्षकों और थाना प्रभारियों के साथ मासिक अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, अपराध नियंत्रण, महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराध की रोकथाम तथा सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि उन्हें आवंटित सरकारी मोबाइल फोन किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं रहना चाहिए, ताकि आम लोग किसी भी समय सूचना या शिकायत दर्ज करा सकें। साथ ही सरकारी मोबाइल नंबरों का थाना क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया गया। गौरतलब है कि जमशेदपुर के अधिकतर थाना प्रभारी अपना सरकारी फोन बंद रखते हैं। जो थाना प्रभारी फोन ऑन रखते हैं, उनमें से कुछ थाना प्रभारी ही फोन रिसीव करते हैं।
आज की क्राइम मीटिंग में पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया को सात दिनों के भीतर पूरा कर पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया। किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने की हिदायत दी गई।
अपराध नियंत्रण को लेकर एसएसपी ने सक्रिय अपराधियों के खिलाफ सीसीए, सर्विलांस, डोजियर और थाना हाजिरी जैसी कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। वहीं गुंडा और दागी पंजी में दर्ज अपराधियों की नियमित थाना हाजिरी सुनिश्चित करने तथा उन्हें भविष्य में अपराध नहीं करने की चेतावनी देने को कहा गया।
महिलाओं के खिलाफ अपराध, दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों की जांच 60 दिनों के भीतर पूरी कर आरोप पत्र दाखिल करने और संबंधित प्रविष्टि समय पर करने के निर्देश भी दिए गए।
एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी थाना क्षेत्र में अवैध जुआ, लॉटरी, ड्रग्स या अवैध बालू कारोबार पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसे मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
बैठक में अवैध हथियारों और प्रतिबंधित चाकुओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाने, पीसीआर, टैंगो और माइक वाहनों को लगातार गश्त पर रखने तथा बैंक, एटीएम, पेट्रोल पंप, ज्वेलरी दुकानों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
महिला थाना प्रभारियों को पिंक पेट्रोलिंग के साथ स्वयं भी नियमित गश्त करने, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाने तथा स्कूल, कॉलेज और पार्कों के आसपास छेड़खानी और चेन स्नैचिंग रोकने के लिए विशेष अभियान संचालित करने का निर्देश दिया गया।
यातायात थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि ट्रैफिक व्यवस्था के नाम पर आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाए। इसके बजाय ट्रैफिक नियमों के पालन के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए तथा ब्लैक फिल्म, मॉडिफाइड साइलेंसर और ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए।
साइबर थाना और साइबर डीएसपी को प्रत्येक सप्ताह स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर साइबर अपराध से बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा सभी थाना प्रभारियों को कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत प्रत्येक सप्ताह गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर कम्युनिटी आउटरीच कार्यक्रम आयोजित कर पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए।

