रांचीः झारखंड राज्यपाल सचिवालय के उपसचिव सागर कुमार ने 29 अप्रैल को झारखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को एक पत्र भेजकर तत्कालीन ओएसडी (OSD) मुकुलेश चंद्र नारायण के आचरण को लेकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई है।
पत्र के अनुसार, झारखंड हाईकोर्ट की अधिसूचना के तहत 8 अप्रैल को मुकुलेश नारायण का स्थानांतरण देवघर के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के पद पर किया गया था। उन्हें 11 अप्रैल को राज्यपाल सचिवालय से विरमित कर दिया गया था, बावजूद इसके वे अनधिकृत रूप से कार्य करते रहे।
इस दौरान नारायण ने अपर मुख्य सचिव सहित सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप और अनावश्यक पत्राचार किया। उपसचिव का कहना है कि नारायण का व्यवहार एक वरीय न्यायिक पदाधिकारी के रूप में अशोभनीय और अमर्यादित रहा, जिससे सचिवालय का कार्य वातावरण प्रभावित हुआ।
राज्यपाल सचिवालय के अनुसार, नारायण ने कर्मचारियों और अधिकारियों के समक्ष राज्यपाल के अधिकारों और कर्तव्यों को लेकर अनुचित भाषा का प्रयोग किया। 21 अप्रैल को उन्होंने स्वयं कार्यभार छोड़ा, लेकिन तब तक उनका रवैया दुर्भावनापूर्ण और स्थानांतरण से आहत दिखा।
राज्यपाल ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के संज्ञान में लाने का निर्देश दिया है। पत्र में मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।


