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Jharkhand Naxal Threat : चतरा में माओवादियों के फरमान से मुखिया व ठेकेदारों में हड़कंप, लेवी नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी

Chaos among chiefs and contractors due to Maoist orders in Chatra, warning of serious consequences for not paying levy...

by Anand Mishra
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Chatra (Jharkhand) : झारखंड के चतरा जिले में भाकपा माओवादियों के एक नए फरमान से मुखिया और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। माओवादियों ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में जारी एक पत्र के माध्यम से सभी किए गए कार्यों की प्राक्कलित राशि का 5 प्रतिशत लेवी (रंगदारी) के रूप में मांगा है। इस फरमान के बाद पूरे जिले में दहशत का माहौल बना हुआ है।

15 दिन में भुगतान न करने पर ‘कठोर कार्रवाई’ की चेतावनी

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की मध्य जोनल कमेटी के लेटर पैड पर जारी इस कंप्यूटराइज्ड पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के भीतर लेवी की रकम जमा नहीं की जाती है, तो संगठन “कठोर से कठोर कार्रवाई” करेगा। पत्र में यह भी कहा गया है कि ऐसी कार्रवाई में होने वाली जानमाल की क्षति की जिम्मेदारी पार्टी की नहीं, बल्कि स्वयं संबंधित व्यक्ति की होगी।

यह फरमान कुंदा, लावालौंग, हंटरगंज, प्रतापपुर सहित कई प्रखंडों में दिनांक और पत्रांक के साथ वितरित किया गया है। पत्र में लिखा है, “हमारी पार्टी के कार्य क्षेत्र में होने वाले किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य से पार्टी भी अपनी वित्तीय कोष को मजबूत करने के लिए किसी भी निर्माण कार्य से स्वीकृत प्राक्कलित राशि की पांच प्रतिशत की दर से लेवी लेती है। ऐसे में आप अविलंब पार्टी के सशस्त्र दस्ता से भेंट करके लेवी संबंधी बात फाइनल कर लें और लेवी का भुगतान अवश्य करें।”

एसपी ने दिए जांच के आदेश, वास्तविकता का होगा खुलासा

इस माओवादी फरमान से सरकारी विकास कार्यों पर भी बुरा असर पड़ने की आशंका है, क्योंकि ठेकेदार और मुखिया अब डर के साए में काम करने को मजबूर होंगे। चतरा के एसपी सुमित अग्रवाल (Sumit Agrawal) ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि “अभी तक इस तरह के मामले संज्ञान में नहीं आए हैं। टीम बनाकर इसकी वास्तविकता की जांच कराई जाएगी। थाना स्तर पर जानकारी लेते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस की जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि यह फरमान कितना वास्तविक है और इसके पीछे किन तत्वों का हाथ है।

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