Jamshedpur : एनएच-33 पर बन रहे एलिवेटेड कॉरिडोर के तहत मात्र तीन किलोमीटर के दायरे में दोनों ओर कुल छह रैंप बनाने की योजना सामने आने के बाद जमशेदपुर सिटीजन फोरम ने इसका विरोध तेज कर दिया है। इसी मुद्दे पर रविवार को डिमना चौक के समीप हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें स्थानीय लोग और रैंप से प्रभावित होने वाले प्रतिष्ठानों के मालिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

अभियान का नेतृत्व कर रहे भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह ने बताया कि पारडीह से डिमना चौक के बीच 500-500 मीटर के छह रैंप प्रस्तावित हैं। इससे रैंप के सामने पड़ने वाले घरों और दुकानों तक पहुंचने का रास्ता बेहद संकरा हो जाएगा और लोग न तो वाहन खड़ा कर पाएंगे, न ही सामान्य कारोबार सुचारू रूप से चल पाएगा।
विकास सिंह ने कहा कि पहले एनएचएआई ने पारडीह से डांगा तक डबल-डेकर कॉरिडोर का प्रस्ताव दिया था, पर बाद में इसे सिंगल-लेयर में बदल दिया गया। ऊपरी लेयर हटाने के बाद भी नीचे का नक्शा जस का तस रखा गया, जिसके कारण छह बड़े रैंप बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि रैंप इन स्थानों पर बनेंगे-
- सहाय क्लीनिक के पास
- रिपीट कॉलोनी के पास
- बालीगुमा के ठीक पहले
प्रत्येक रैंप लगभग आधा किलोमीटर लंबा होगा। विकास सिंह का दावा है कि इससे सैकड़ों लोगों को करोड़ों रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि वास्तविक चौड़ाई, जमीनी स्थिति और लोगों को होने वाली क्षति को नजरअंदाज कर दिया गया है।
सिंह ने कहा कि अन्य शहरों की तरह यदि सिर्फ पारडीह और डिमना चौक के आगे दो रैंप बनाए जाएं तो लोगों का नुकसान रोका जा सकता है। सिटीजन फोरम हस्ताक्षरयुक्त आवेदन पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी को सौंपकर मामले में हस्तक्षेप की मांग करेगा।

