Jamshedpur : जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मंगलवार को पानी संकट के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। करोड़ों रुपये की लागत से बने नए अस्पताल भवन में बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बार फिर उजागर हो गई। पानी नहीं होने की वजह से कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन टाल दिए गए, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
सुबह से ऑपरेशन की तैयारी कर चुके मरीजों को दोपहर बाद बिना इलाज वापस वार्ड भेज दिया गया। कई मरीज दोपहर 12:30 बजे तक भूखे-प्यासे ऑपरेशन थिएटर के बाहर इंतजार करते रहे। अस्पताल प्रबंधन के इस रवैये से परिजन परेशान और आक्रोशित नजर आए।परसुडीह निवासी छवि देवी ने रोते हुए बताया कि उनके बेटे परमेश्वर कालिंदी का कंधे का ऑपरेशन होना था।
डॉक्टरों ने सुबह ऑपरेशन की तैयारी भी कराई, लेकिन बाद में यह कहकर वापस भेज दिया गया कि अस्पताल में पानी नहीं है, इसलिए ऑपरेशन संभव नहीं हो पाएगा। उनका बेटा पिछले एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती है और लगातार दर्द से कराह रहा है।
इसी तरह, पारडीह निवासी मंजू देवी का भी ऑपरेशन पानी संकट के कारण टाल दिया गया। पैर में गंभीर चोट के कारण वह एक सप्ताह से भर्ती हैं। उनके पैर में ईंट बांधकर लटकाया गया है और वह लगातार असहनीय दर्द झेल रही हैं।
अस्पताल के नए भवन की चमक-दमक के पीछे अव्यवस्था और गंदगी की तस्वीर भी सामने आई है। कई वार्डों में दुर्गंध फैली हुई है और जगह-जगह गंदगी के निशान दिखाई दे रहे हैं। अस्पताल अब भी पानी के लिए मानगो नगर निगम के टैंकरों पर निर्भर है। प्रतिदिन 8 से 10 टैंकर पानी की आपूर्ति होती है, लेकिन सप्लाई में थोड़ी भी देरी होने पर पूरी व्यवस्था प्रभावित हो जाती है।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को हड्डी रोग विभाग में आधा दर्जन से अधिक ऑपरेशन इसी कारण रद्द करने पड़े। मरीजों और परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है।
वहीं अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने पानी की कमी से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि संभवतः हड्डी रोग विभाग में पानी का प्रेशर कम होने या किसी तकनीकी खराबी के कारण समस्या उत्पन्न हुई होगी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।

