चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने पंजाब और हरियाणा से दो गुमशुदा बच्चियों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों तक पहुंचाया है। आर्थिक तंगी के कारण दोनों बच्चियों के परिजन उन्हें वापस नहीं ला पा रहे थे। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम भेजकर दोनों को चाईबासा लाया गया।
पहला मामला गुदड़ी थाना क्षेत्र के तिरकीड़ा गांव का है। 11 मई 2026 को बिक्रम बरजो ने थाने में आवेदन दिया था कि उन्होंने 15 वर्षीय बेटी सुषमा बरजो को जून 2024 में पढ़ाई और काम सीखने के लिए रिश्तेदार के साथ पंजाब भेजा था। वहां वह एक संस्था में रहकर पढ़ाई कर रही थी। करीब 6 महीने पहले घर लौटते समय बच्ची रास्ते में गुम हो गई।
11 मई को सोशल मीडिया के जरिए बिक्रम बरजो को पता चला कि सुषमा उसी संस्था में है और घर आना चाहती है। लेकिन पैसे की कमी के कारण परिजन उसे लाने में असमर्थ थे। उन्होंने गुदड़ी थाना से मदद मांगी।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चक्रधरपुर के नेतृत्व में एक टीम गठित की। टीम हरियाणा पहुंची और सुषमा को सकुशल बरामद कर लिया। मंगलवार को 19 मई को दोपहर 3 बजे बच्ची को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी चाईबासा के समक्ष प्रस्तुत कर परिजनों को सौंप दिया गया।
इसी दौरान टीम को हरियाणा स्थित उसी CWC संस्था में गिरिडीह जिले की एक और युवती कामिनी कुमारी मिली। वह 9 महीने से संस्था में थी और घर आना चाहती थी, लेकिन परिजनों की आर्थिक स्थिति ठीक न होने से नहीं आ पा रही थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम कामिनी को भी सकुशल चाईबासा ले आई।
फिलहाल उसे सखी वन स्टॉप सेंटर चाईबासा में रखा गया है और उसके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। प्रक्रिया पूरी कर उसे भी परिजनों को सौंपा जाएगा।
पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने कहा कि जिले की कोई भी बच्ची लापता हो या आर्थिक कारणों से घर न लौट पा रही हो तो परिजन फौरन पुलिस से संपर्क करें। पुलिस हर संभव मदद करेगी। दोनों बच्चियों की सकुशल वापसी पर परिजनों ने पुलिस को धन्यवाद दिया है।
हरियाणा जाने वाले टीम
थाना प्रभारी गुदड़ी सुदर्शन मिंज,चंदन शुभम शर्मा, मनोज कुमार बोदरा, महिला आरक्षी प्रियंका बिरुउली
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