Jamshedpur : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रविवार को अपने एक साल के काम का ब्योरा जारी किया है। विधायक ने विधायक निधि और नगर विकास विभाग के अलावा, सरकार की लागू योजनाओं को गिनाया है। विधायक ने एलान किया है कि इस एक साल में उन्हें मानगो नगर निगम से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला है। मगर, अब अगर नगर निकायों का रवैया वैसा ही रहा तो उनकी गर्दन पकड़ी जाएगी।

विधायक ने बताया कि पिछले साल 23 नवंबर को ही वह विधायक बने थे। एक साल में जमशेदपुर पश्चिम इलाके में अब तक कुल सरकार की 1321 योजनाएं धरातल पर उतरी हैं। इन पर सरकार के 40 करोड़ 10 लाख 77 हजार 859 रुपये खर्च हुए हैं। इनमें से विधायक निधि की 165 योजनाएं हैं। 150 योजनाएं नगर विकास विभाग की हैं। पांच योजनाएं पथ निर्माण विभाग की हैं। ग्रामीण विकास विभाग ने एक योजना धरातल पर उतारी है। ज्रेडा ने इस इलाके में एक हजार सोलर लाइटें भी लगाई हैं। 831 योजनाएं स्वीकृत हो गई हैं। मगर, इनका एस्टीमेट बन रहा है। एस्टीमेट बनने के बाद इन योजनाओं को भी धरातल पर उतारा जाएगा।
अब तक नहीं चालू हो पाई डीएम लाइब्रेरी
विधायक सरयू राय ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन की तरफ से उन्हें अधिक सहयोग नहीं मिल पा रहा है। विधायक ने कदमा में बने कंवेंशन सेंटर को चालू करने की मांग फिर उठाई। उन्होंने कहा कि पहले साकची में जर्जर भवन में डीएम लाइब्रेरी चलती थी। छात्र यहां आकर पढ़ाई करते थे। मगर, अब ऐसा हो गया है कि यहां आलीशन भवन बन गया मगर, पुस्तकालय बंद कर दिया गया है। उन्होंने मांग की है कि यहां लाइब्रेरी चालू की जाए। बंधू लाइन में एक योजना प्रस्तावित है। इसका पैसा भी नगर निगम में रखा है मगर, योजना को नगर विकास विभाग की मंजूरी अब तक नहीं मिली है।
बालीगुमा की टंकी में नहीं पहुंचा पानी
विधायक सरयू राय ने कहा कि बालीगुमा में पानी की टंकी बनी है। मगर, इस टंकी तक पानी नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि जब वह पहले विधायक थे तभी इसके विस्तार का खाका बना था और बालीगुमा में टंकी बनाई गई थी। तभी तय था कि यहां तक पाइपलाइन बननी है। मगर, अब तक इस टंकी को पाइपलाइन से नहीं जोड़ा गया है। विधायक ने कहा कि अगर प्रशासन का यही रवैया रहेगा तो अब उनकी गर्दन पकड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि मानगो नगर निगम से ज्यादा अपेक्षा नहीं है। बस नाली, सफाई, सड़क और स्ट्रीट लाइट ठीक रखिए।
कर्मचारियों को मिल रहा कम वेतन
विधायक ने कहा कि वह रांची में थे तो स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी आए। वह आउट सोर्स वाले कर्मचारी थे। उन्होंने बताया कि उनसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सदर अस्पताल में काम लिया जाता है। उन्हें 25 हजार रुपये से लेकर 28 हजार रुपये तक का वेतन मिलना चाहिए। मगर, अभी महज 15 हजार रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक ही दिया जा रहा है। विधायक ने कहा कि वह विधानसभा में यह मामला उठाएंगे कि आखिर यह पैसा कहां जा रहा है। क्यों कर्मचारियों को कम वेतन दिया जा रहा है।

