Jamshedpur : केंद्र सरकार के मनरेगा योजना का नाम बदलने के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने शनिवार को जमशेदपुर जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। धरना को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि मनरेगा गरीबों और ग्रामीणों की जीवनरेखा है। इसका नाम बदलने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह योजना अपने वर्तमान नाम से ही पहचानी जाती है और इसे बदलना जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ होगा।
घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार अपने फैसले पर अड़ी रहती है तो झामुमो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी। वहीं, प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने इसे केवल नाम परिवर्तन नहीं बल्कि गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया।
धरना में शामिल नेताओं ने साफ कहा कि अगर मनरेगा का नाम बदला गया तो गांव से लेकर दिल्ली तक व्यापक और उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। गौरतलब है कि मनरेगा योजना को लेकर इन दिनों जिले की राजनीति गरमाई हुई है। इससे पहले कांग्रेस के कार्यकर्ता भी आमबागान से जुलूस निकाल कर डीसी ऑफिस तक पहुंचे थे। यहां डीसी ऑफिस पर धरना प्रदर्शन किया था। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने शुक्रवार को बिष्टुपुर स्थित तिलक पुस्तकालय में इसी मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र पर निशाना साधा था और मनरेगा का नाम नहीं बदलने की बात कही थी। इस धरने में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन, झामुमो के जिला प्रवक्ता मोहन कर्मकार, नगर संयोजक बाघराय मार्डी, वरिष्ठ नेता प्रमोद लाल सहित कई नेता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

