लातेहार : जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। लातेहार जिले के गारू अंचल में पदस्थापित अंचल अमीन मुनिदेव सिंह को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने 7 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। उस पर आरोप है कि वह जमीन को ऑनलाइन दर्ज करने के नाम पर आवेदक से घूस की मांग कर रहा था।

शिकायत के बाद सक्रिय हुई एसीबी टीम
जानकारी के अनुसार, गारू प्रखंड निवासी विशाल कुमार ने अपने जमीन संबंधी दस्तावेजों को ऑनलाइन कराने के लिए अंचल कार्यालय में आवेदन दिया था। आरोप है कि आवेदन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अंचल अमीन की ओर से 7 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। लगातार मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने मामले की जानकारी एसीबी पलामू के पुलिस अधीक्षक को दी। शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने अपने स्तर से प्रारंभिक जांच की। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप बिछाया गया।
रिश्वत लेते ही दबोचा गया अमीन
एसीबी की टीम ने योजना के तहत शिकायतकर्ता को तय राशि देकर आरोपी अंचल अमीन के पास भेजा। जैसे ही मुनिदेव सिंह ने 7 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर स्वीकार किए, मौके पर मौजूद एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके पश्चात आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए पलामू ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।
जमीन ऑनलाइन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल
इस कार्रवाई के बाद जमीन ऑनलाइन करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। राज्य सरकार द्वारा भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की पहल के बावजूद निचले स्तर पर रिश्वतखोरी की शिकायतें सामने आती रही हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई
एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा अवैध धन की मांग की जाती है तो तुरंत इसकी शिकायत करें। हाल ही में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने रिश्वत लेने के कई मामलों में कार्रवाई भी की है।

