चाईबासा। ब्रिटिश के खिलाफ विद्रोह के नायक वीर शहीद राजा अर्जुन सिंह के राजमहल में बीते छह दशक से जवाहर लाल नेहरू कॉलेज (जेएलएन कॉलेज) का संचालन हो रहा है, लेकिन भवन की मरम्मत न होने के कारण कॉलेज बिल्डिंग पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। यहां 5000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं।
नये भवन निर्माण के लिए दी गई प्रशासनिक स्वीकृति
कॉलेज भवन की स्थिति देख झारखंड कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया और विद्यार्थियों की भविष्य को देखते हुए कैबिनेट ने कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय जेएलएन कॉलेज चक्रधरपुर के नये भवन निर्माण के लिए 88 करोड़ 92 लाख 50 हजार रूपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
कॉलेज का किया गया निरीक्षण
इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रभारी प्राचार्य डॉक्टर श्रीनिवास कुमार, डॉक्टर अरुण कुमार, केयू के डीन डॉक्टर पी सिओल, केयू के फाइनेंस विभाग के पदाधिकारी तरुण चौधरी, प्रोफेसर एसके मिश्रा, प्रधान लिपिक पंकज प्रधान ने कॉलेज का निरीक्षण करते दिखे। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि रखरखाव के अभाव से कॉलेज भवन और मुख्य द्वार जर्जर हो चुका है। भवन क्षतिग्रस्त होने के कारण विद्यार्थियों को पठन-पाठन करने में काफी परेशानी होती थी।
विद्यार्थियों को मिलेंगी बेहतर सुविधा और माहौल
कई बार पत्राचार और विधायक सुखराम उरांव के प्रयास से भवन निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। अब भवन का निर्माण होने से विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा और माहौल मिलेगा। राजमहल का भव्य सिंह द्वार (मुख्य गेट), चहारदीवारी व वॉच टावर की मरम्मत, जी प्लस फोर आट्स भवन, जी प्लस 6 साइंस और कॉमर्स लिफ्ट युक्त भवन, जी प्लस 3 प्रशासनिक भवन, कैफेटेरिया, बीएड भवन के ऊपर दो मंजिला भवन, लाइब्रेरी, कंप्यूटर, काउंटर, कॉमन रूम, लैंब रूम, कैंटीन, पार्किंग, पार्क आदि का निर्माण किया जाएगा।
जीर्णोद्धार के साथ बनाए जाएंगे साइंस, आर्ट्स और मल्टी ब्लॉक
जिले के चक्रधरपुर शहर में स्थित एकमात्र जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय को झारखंड सरकार ने स्टेट ऑफ आर्ट्स संस्थान के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। विधायक सुखराम उरांव के सवाल के जवाब में राज्य सरकार के मंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य भवन निर्माण विभाग लिमिटेड रांची द्वारा डीपीआर तैयार की जा रही है। महाविद्यालय का जीर्णोद्धार के साथ साइंस ब्लॉक, आर्ट्स ब्लॉक और मल्टी ब्लॉक बनाए जाएंगे। सभी भवन में लिफ्ट की व्यवस्था रहेगी। नये भवन में विद्यार्थियों को सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कॉलेज से जुड़े लोगों की सेंटीमेंट को देखते हुए पुराने गेट के आधार पर नये गेट का निर्माण किया जाएगा।

