रांची : झारखंड के पलामू लोकसभा क्षेत्र के सांसद बीडी राम द्वारा पलामू और गढ़वा क्षेत्र में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में देरी, अधूरे निर्माण कार्य और लगातार बढ़ती जन शिकायतों को लेकर उठाए गए प्रश्नों पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने विस्तृत जवाब दिया है। चेयरमैन ने अपने पत्र में दोनों जिलों में चल रही सभी प्रमुख सड़क परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जिन हिस्सों में प्रशासनिक और तकनीकी बाधाएं दूर हो चुकी हैं, वहां निर्माण कार्य को तेज कर अप्रैल 2026 तक अधिकांश लंबित हिस्सों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही संबंधित अभियंताओं, परियोजना प्रबंधकों और संवेदकों को सख्त चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं होने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
चेयरमैन ने माना है कि कई परियोजनाओं में निर्माण धीमा पड़ने के पीछे वन स्वीकृति लंबित रहना, भूमि से संबंधित विवाद, अतिक्रमण हटाने में देरी, पेड़ कटाई की अनुमति देर से मिलना, बिजली लाइन स्थानांतरण और कुछ स्थानों पर न्यायालय में लंबित मामले प्रमुख कारण रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब अधिकांश बाधाओं को दूर करने के लिए जिला प्रशासन, वन विभाग और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। बता दें कि पलामू के सांसद ने 29 जनवरी 2026 को ही यह पत्र लिखा था। एनएचएआई ने सांसद को भरोसा दिलाया है कि पलामू और गढ़वा क्षेत्र की सभी लंबित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को जल्द पूरा कर क्षेत्र में सड़क सुरक्षा, व्यापारिक आवागमन और आम लोगों की आवाजाही को बेहतर बनाया जाएगा।
डाल्टनगंज बाईपास पर कई संरचनाओं का निर्माण अंतिम चरण में
- एनएचएआई के अनुसार, नेशनल हाईवे-39 के डाल्टनगंज बाईपास पर यातायात दबाव कम करने और दुर्घटनाएं रोकने के लिए कई प्रमुख चौराहों पर ऊपरी पुल और भूमिगत मार्ग बनाए जा रहे हैं।
- पोखराहा चौक (डाल्टनगंज–पनकी मार्ग) पर ऊपरी पुल और भूमिगत मार्ग का निर्माण तेजी से चल रहा है। यहां ढांचागत कार्य काफी आगे बढ़ चुका है और अप्रैल 2026 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- जोड़ चौक (डाल्टनगंज–बैरिया–पाटन मार्ग) पर भी इसी प्रकार का निर्माण जारी है, जहां स्थानीय यातायात और राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात को अलग करने की योजना है।
सिंगरा क्षेत्र में भूमिगत मार्ग का मुख्य ढांचा तैयार हो चुका है। एक ओर पहुंच पथ बन गया है, जबकि दूसरी ओर शेष निर्माण जल्द शुरू होगा।
एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि इन संरचनाओं के बनने के बाद स्थानीय सड़कों से आने-जाने वाले वाहनों और राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले भारी वाहनों का मार्ग अलग-अलग होगा, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और आवागमन सुगम बनेगा।
जहां बाधा आई, वहां हो रहा काम
- डाल्टनगंज बाईपास के कई हिस्सों में कार्य विभिन्न कारणों से प्रभावित हुआ।
- हिसरा पोखराहा से जोरकट शुल्क प्लाजा तक लगभग साढ़े तीन किलोमीटर हिस्से में वन विभाग की स्वीकृति और भूमि संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र लंबित रहने से निर्माण शुरू नहीं हो सका।
- चियांकी गांव के क्षेत्र में लगभग एक किलोमीटर हिस्से में अतिक्रमित मकानों और दुकानों को हटाने के दौरान स्थानीय विरोध और भूमि स्वामित्व विवाद सामने आए। अब जिला प्रशासन की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है।
- सिंगरा कलां में करीब आधा किलोमीटर हिस्से में सेवा मार्ग और पहुंच पथ निर्माण के लिए पेड़ कटाई की अनुमति जनवरी 2026 में मिली है।
- लोहारा, परवा और राजहरा क्षेत्र में लगभग डेढ़ किलोमीटर हिस्से में भी पेड़ कटाई की अनुमति मिलने के बाद अब निर्माण कार्य तेज किया जाएगा। इन हिस्सों को भी 30 अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रमना बाईपास में भूमि विवाद सुलझा, निर्माण शुरू
नेशनल हाईवे-75 के अंतर्गत रमना बाईपास परियोजना लंबे समय तक भूमि विवाद के कारण रुकी रही। अध्यक्ष ने बताया कि अब संबंधित विवाद दूर कर लिए गए हैं और निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। यहां भी अप्रैल 2026 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
हरिहरगंज बाईपास में न्यायालयी मामला बना बाधा
हरिहरगंज बाईपास में लगभग 70 मीटर क्षेत्र में न्यायालय में मामला लंबित होने के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है। एनएचएआई को उम्मीद है कि मार्च के अंत तक कानूनी बाधा दूर हो जाएगी, जिसके बाद शेष कार्य तुरंत पूरा किया जाएगा।
अभियंताओं और संवेदकों को सख्त निर्देश
एनएचआई ने परियोजनाओं की लगातार समीक्षा कर रहा है। जहां तकनीकी या प्रशासनिक बाधाएं समाप्त हो चुकी हैं, वहां अभियंताओं और संवेदकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। आवश्यकता पड़ने पर निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
Read Also: Jharkhand Crime: गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर का नंबर डालकर 19.85 लाख की साइबर ठगी, तीन गिरफ्तार

