RANCHI : झारखंड की राजधानी रांची में लोगों को साफ-सफाई के अलावा बेसिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी रांची नगर निगम की है। इसके लिए निगम शहर के लोगों से होल्डिंग टैक्स भी वसूलता है। इस बार राजस्व बढ़ाने के लिए निगम ने 100 करोड़ रुपये टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य तय किया है। अब तक निगम ने लगभग 94 करोड़ रुपये टैक्स कलेक्शन कर लिया है। वहीं बाकी के 10 दिनों में 6 करोड़ रुपये और जुटाने का टास्क टीम को दिया गया है। इतना ही नहीं, इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए नगर निगम ने टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। खासकर उन लोगों को चिह्नित किया जा रहा है, जिन्होंने सेल्फ असेसमेंट के दौरान अपनी संपत्ति का वास्तविक क्षेत्रफल कम बताकर टैक्स चोरी की है।
नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि शहर में कई बड़े भवन मालिकों ने होल्डिंग टैक्स बचाने के लिए सेल्फ असेसमेंट में कम एरिया दिखाया था। लेकिन, पिछले कुछ महीने में कराई गई नापी के बाद कई बड़े भवनों की असलियत सामने आ गई है। जांच में पाया गया कि कई भवनों का वास्तविक क्षेत्रफल कागजों में दर्ज क्षेत्रफल से कहीं ज्यादा है, जिससे निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा था।
निगम ने सख्ती का दिया आदेश
इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने ऐसे सभी मामलों में बकाया टैक्स की वसूली का आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही टैक्स चोरी करने वालों पर 100 प्रतिशत तक पेनाल्टी लगाने का भी निर्देश दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अब ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं जिन लोगों ने गलत जानकारी दी है या फिर भवन का एक्सटेंशन कराया है वे खुद से टैक्स का निर्धारण कर जमा करा दे। इससे वे कार्रवाई से बच सकते है। शहर में टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और राजस्व बढ़ाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बड़े बकाएदारों की सूची भी तैयार की जा रही है और उनसे टैक्स की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
टैक्स चोरी पर लगेगी लगाम
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो लोग समय पर टैक्स जमा नहीं करेंगे या गलत जानकारी देकर टैक्स चोरी करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। वहीं लोगों से अपील की गई है कि वे अपनी संपत्ति का सही विवरण देकर समय पर टैक्स जमा करें, ताकि किसी तरह की कार्रवाई से बचा जा सके। निगम का मानना है कि इस सख्त अभियान के जरिए न केवल टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी, बल्कि शहर के विकास कार्यों के लिए आवश्यक राजस्व भी जुटाया जा सकेगा। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि बड़े बकाएदारों से वसूली और टैक्स प्रणाली में पारदर्शिता लाकर 100 करोड़ रुपये का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
इस प्रकार पकड़ी गई गड़बड़ी
सृष्टि हॉस्पिटल, हिनू में जांच के दौरान पाया गया कि संस्थान द्वारा नगर निगम को कुल 14,100 वर्गफीट क्षेत्रफल की जानकारी उपलब्ध कराई गई थी, जबकि स्थल निरीक्षण में वास्तविक क्षेत्रफल 24,870 वर्गफीट पाया गया। संतति आईवीएफ एवं लिटिल हार्ट हॉस्पिटल, अरगोड़ा चौक ने नगर निगम को 19,700 वर्गफीट क्षेत्रफल घोषित किया गया था, जबकि जांच के दौरान वास्तविक क्षेत्रफल 32,127 वर्गफीट पाया गया।

