RANCHI: सोमवार को यंग लॉयर्स एसोसिएशन के आह्वान पर झारखंड हाईकोर्ट व सिविल कोर्ट रांची परिसर में बड़ी संख्या में युवा अधिवक्ताओं ने रेड रिबन लगाकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने पूरे दिन न्यायालय में रेड रिबन पहनकर न्यायिक कार्यों में हिस्सा लिया और युवा अधिवक्ताओं के सम्मान, गरिमा एवं सुरक्षित कार्य वातावरण की मांग उठाई। यह सांकेतिक विरोध हाल ही में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में एक युवा अधिवक्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं 24 घंटे पुलिस कस्टडी की धमकी दिए जाने की घटना के विरोध में आयोजित किया गया। यंग लॉयर्स एसोसिएशन द्वारा पूर्व में जारी विज्ञप्ति में सभी अधिवक्ताओं से 11 मई को न्यायालय में रेड रिबन लगाकर उपस्थित होने की अपील की गई थी। संगठन ने इसे युवा अधिवक्ताओं के प्रति एकजुटता और समर्थन का प्रतीक बताया था।
प्रोटेस्ट के दौरान हाईकोर्ट परिसर में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान संगठन के महासचिव वेंकटेश कुमार ने कहा कि युवा अधिवक्ता कानून की बारीकियों को सीखने और न्याय व्यवस्था को समझने के लिए लगातार संघर्षरत रहते हैं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता जीवन का शुरुआती दौर सीखने, अनुभव प्राप्त करने और पेशेवर जिम्मेदारियों को समझने का समय होता है, ऐसे में उन्हें सहयोग और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।
संवेदनशीलता और सम्मान भी आवश्यक
वेंकटेश ने कहा कि बार और बेंच के संबंध न्याय व्यवस्था की मजबूती का महत्वपूर्ण आधार हैं। लेकिन इन संबंधों में युवा अधिवक्ताओं के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी बेंच पर बैठे न्यायाधीश एक महत्वपूर्ण संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करते हैं, जो न्याय प्रणाली के लिए सर्वोपरि है। ऐसे में यदि किसी युवा अधिवक्ता से अनुभवहीनता या मानवीय भूलवश कोई त्रुटि हो जाती है तो उसे सुधारने और सीखने का अवसर दिया जाना चाहिए, न कि कठोर व्यवहार कर उन्हें हतोत्साहित किया जाए।
संगठन की ओर से मांग की गई कि युवा अधिवक्ताओं को हर स्तर पर सम्मान एवं प्रोत्साहन मिले ताकि वे पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ सकें। अधिवक्ताओं ने कहा कि रेड रिबन विरोध का नहीं बल्कि एकजुटता, सम्मान और संवेदनशीलता का प्रतीक है। मौके पर संगठन के फाउंडर वाजिद अली, अध्यक्ष फहीम अख्तर, महासचिव वेंकटेश कुमार, उपाध्यक्ष अभिषेक राज भार्गव, सचिव प्रशासन दिवाकर सिप्पी, शैयाकुर रहमान सहित बड़ी संख्या में युवा अधिवक्ता उपस्थित रहे।

