रांची : झारखंड की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई, जब राज्य सरकार के ही मंत्री संजय प्रसाद यादव ने संताल परगना क्षेत्र में अवैध बालू और पत्थर खनन को लेकर अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मंत्री ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि संताल क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन का धंधा बड़े पैमाने पर जारी है। इस अवैध कारोबार के कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और लोगों की जान तक जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अवैध बालू और पत्थर से लदे ट्रक और हाइवा तेज रफ्तार में भागते हैं, जिससे सड़क हादसे बढ़ रहे हैं।
दोषियों के खिलाफ हो कठोर कानूनी कार्रवाई
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति—चाहे वह जनप्रतिनिधि हो या अधिकारी—को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस मुद्दे पर मंत्री ने प्रदीप यादव के उस पत्र पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें एक बालू घाट से प्रतिदिन 27 लाख रुपये की अवैध कमाई का आरोप लगाया गया था। मंत्री का कहना है कि यह समस्या केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में अवैध खनन का जाल फैला हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि महगामा, हंसडीहा और अन्य क्षेत्रों में भी अवैध गतिविधियां चरम पर हैं और इन इलाकों की पुलिस कार्यप्रणाली की भी जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कुछ गंभीर आपराधिक घटनाओं पर पर्याप्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने दोहराया कि राज्य में अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए।

