चाईबासा : स्कूली बच्चों की सुरक्षा में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। झारखंड सरकार के परिवहन मंत्री के निर्देश पर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान शुरू किया गया है। जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) गौतम कुमार के नेतृत्व में स्कूल बसों एवं बच्चों के परिचालन में लगे अन्य वाहनों की सघन जांच की जा रही है। सोमवार को डीपीएस स्कूल और संत जेवियर स्कूल में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान मोटर यान निरीक्षक नेल्सन तिर्की एवं सड़क सुरक्षा टीम भी मौके पर मौजूद रही।
परिवहन विभाग की टीम ने की सघन जांच
परिवहन विभाग की टीम ने स्कूल बसों सहित अन्य वाहनों की बारीकी से जांच की और आवश्यक दस्तावेजों एवं सुरक्षा मानकों की पड़ताल की। जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है। सड़क पर उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सभी नियमों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है। उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही न हो सके।
जांच के मुख्य बिंदु
- वाहन का इंश्योरेंस, फिटनेस, टैक्स, प्रदूषण प्रमाण पत्र, परमिट
- ओवरलोडिंग की जांच
- सभी जरूरी परिवहन दस्तावेजों की वैधता
सुरक्षा मानकों पर खास जोर
- बस के आगे-पीछे स्पष्ट रूप से “School Bus” लिखा होना
- किराये की बसों पर “On School Duty” अंकित होना
- प्रत्येक बस में फर्स्ट एड बॉक्स और फायर एक्सटिंग्विशर अनिवार्य
- खिड़कियों में लोहे की जाली (ग्रिल)
- बस पर स्कूल का नाम और संपर्क नंबर दर्ज
- दरवाजों में सुरक्षित लॉक सिस्टम
- बच्चों के बैग रखने की पर्याप्त व्यवस्था
- हर बस में एक अटेंडेंट की तैनाती
- अधिकतम गति सीमा 40 किमी/घंटा
- चालक के पास कम से कम 5 साल पुराना वैध लाइसेंस
- निर्धारित ड्रेस कोड का पालन
- बच्चों की पूरी जानकारी सहित रूट प्लान सूची का होना
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