Jamshedpur : जमशेदपुर में सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के एग्रिको में ट्रिपल मर्डर केस की हत्या का राज फाश करने में पुलिस जुट गई है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी हुई है कि टाटा स्टील कर्मी रविंद्र सिंह ने आखिर क्यों इस हत्याकांड को अंजाम दिया। रविंद्र सिंह ने न केवल अपनी उस पत्नी को मार डाला जिसके साथ उसने जीने मरने की कसम खाई थी। यही नहीं, जिन बच्चों को उसने कई साल पाल-पोस कर परवान चढ़ाया था। रविंद्र सिंह ने जिनके उज्जवल भविष्य की कामना की थी। जिन्हें पढ़ा लिखा कर उनके पैरों पर खड़ा किया। उन्हें भी मारने में उसे जरा भी हिचकिचाहट नहीं हुई। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने जो कारण बताया उसे जानकर आपकी रूह फना हो जाएगी।
आखिर रविंद सिंह ने जब अपनी बेटी को विदा किया होगा तो उनकी बेटी उन्हें लिपट कर विदाई के समय रोई होगी। तब उनकी बेटी सुप्रिया के दिमाग में यह बात भी नहीं आई होगी कि आखिर जिसे वह अपना अभिभावक समझ रही है वही एक दिन उसका खून कर देगा। लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं कि आखिर रविंद्र सिंह के दिमाग पर शैतान इस कदर हावी हो गया कि उसने अपने ही पालों को मौत की नींद सुला दिया।
पुलिस हत्या के कारण की तलाश में जांच में जुट गई है। पुलिस ने हत्यारोपी रविंद्र सिंह, उनकी पत्नी सरिता सिंह और बेटे रवि सिंह का मोबाइल जब्त कर लिया है। इन तीनों फोन की जांच होगी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन तीनों फोन से पता चलेगा कि आखिर वह क्या वजह थी जिसके चलते रविंद्र सिंह ने अपनी पत्नी, बेटे और बेटी का कत्ल इतनी बेरहमी से कर दिया। पुलिस तीनों फोन के काल डिटेल निकाल रही है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद सुप्रिया के पति भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। उनका कहना है कि घर में सब कुछ ठीक-ठाक था। अचानक ऐसा क्या हो गया कि इतनी बड़ी घटना घट गई। उनका कहना है कि घर में ऐसे किसी तरह के कुछ तनाव की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का जायजा लिया। क्वार्टर के अंदर किसी को भी नहीं जाने दिया गया। पत्रकारों को भी अंदर जाने से मना कर दिया। पुलिस का कहना था कि लोगों की मौजूदगी से वहां सुबूत इधर उधर हो सकते हैं। यह बड़ी घटना है और क्राइम सीन पर मौजूद सुबूत बड़े अहम है।
दिल्ली से बेटी कर रही थी फोन
बताया जा रहा है कि आरोपी ने खुद भी पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दे दी थी। आरोपी ने बता दिया था कि उसने यह कृत्य किया है। इसके अलावा, दिल्ली से बेटी अपने पिता को फोन कर रही थी। मगर वह फोन नहीं उठा रहा था। इसके बाद बेटी ने पड़ोसी को फोन कर बताया कि उनके पिता फोन नहीं उठा रहे हैं। इसके बाद पड़ोसी इस बात की जानकारी देने रविंद्र सिंह के घर गया और दरवाजा खटखटाया। रविंद्र सिंह दरवाजे पर खून से लथपथ हालत में आया। हत्या के बाद पत्नी, बेटी और बेटे का खून रविंद्र प्रसाद के कपड़ों पर था। पड़ोसी ने उसे बताया कि बेटी का दिल्ली से फोन आ रहा है। पड़ोसी का कहना है कि वह समझ गया कि जरूर कोई न कोई घटना हुई है। उसी ने सबको घटना की जानकारी दी।
विधायक को अंदर जाने दिया गया
घटना की जानकारी मिलने के बाद जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने उनको अंदर जाने दिया। विधायक पूर्णिमा साहू के साथ उनके प्रतिनिधि गुंजन यादव भी अंदर क्वार्टर में गए और क्राइम सीन देखा। बाहर निकलने के बाद विधायक ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि आरोपी से पूछताछ कर रही है। आरोपी बता रहा है कि गलती से यह हत्या हो गई। विधायक ने कहा कि ऐसे आरोपी के लिए जो अपनी ही गर्भवती बेटी को मार डाले, नर्क में भी जगह नहीं होनी चाहिए।

