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Chaibasa News: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नगर परिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन से होगा कचरे का पृथक्करण, वार्ड पार्षदों को सौंपी गई जागरूकता अभियान की जिम्मेदारी।

by Rajeshwar Pandey
Chakradharpur Solid Waste Management Rules 2026
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त शहर के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सोमवार को चक्रधरपुर नगर परिषद कार्यालय के सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष सन्नी उरांव ने की। बैठक में नगर परिषद उपाध्यक्ष विजय कुमार साव, कार्यपालक पदाधिकारी विजय कुमार हांसदा, सभी वार्डों के वार्ड पार्षदों एवं नगर परिषद कर्मियों ने भाग लिया।

आबादी और शहरीकरण के साथ कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती

बैठक में झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को नगर परिषद क्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि बढ़ती आबादी और शहरीकरण के साथ कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। ऐसे में कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निपटान समय की आवश्यकता है। बैठक में वार्ड पार्षद सपन कुमार मिस्त्री, प्रीति होरो, लीला प्रसाद, राजू प्रसाद कसेरा, गौतम रवानी, संजय पासवान आदि वार्ड पार्षद मौजूद थे।

घर से ही शुरू होगी कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया

बैठक में विशेष रूप से सोर्स सेग्रिगेशन (स्रोत पर कचरे का पृथक्करण) को सफल बनाने पर जोर दिया गया। बताया गया कि यदि प्रत्येक परिवार अपने घरों में ही कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर देगा, तो उसके संग्रहण, परिवहन और निस्तारण की प्रक्रिया काफी आसान और प्रभावी हो जाएगी। इसके लिए नगर परिषद क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

चार रंगों के डस्टबिन होंगे वितरित

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत नगर परिषद क्षेत्र में चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन- नीला, हरा, पीला और लाल वितरित किए जाएंगे।

हरा डस्टबिन : गीले एवं जैविक कचरे के लिए

नीला डस्टबिन : सूखे कचरे के लिए

पीला डस्टबिन : पुनर्चक्रण योग्य सामग्री के लिए

लाल डस्टबिन : विशेष एवं खतरनाक श्रेणी के कचरे के लिए

इस व्यवस्था से विभिन्न प्रकार के कचरे का पृथक संग्रहण संभव हो सकेगा, जिससे कचरे के वैज्ञानिक निपटान और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

वार्ड पार्षद होंगे जागरूकता अभियान के प्रमुख संचालक

कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र की जानकारी देते हुए बताया गया कि उच्च न्यायालय एवं राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप सभी वार्ड पार्षदों को अपने-अपने वार्डों में सोर्स सेग्रिगेशन शिक्षा अभियान का प्रमुख संचालक बनाया गया है। वार्ड पार्षद घर-घर जाकर लोगों को गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण, स्वच्छता के महत्व, पर्यावरण संरक्षण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की जानकारी देंगे।इसके अलावा स्थानीय स्तर पर बैठकें, जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ सभाएं और जनसंपर्क अभियान भी चलाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा सके।

जनभागीदारी से ही बनेगा स्वच्छ शहर : सन्नी उरांव

नगर परिषद अध्यक्ष सन्नी उरांव ने कहा कि किसी भी स्वच्छता अभियान की सफलता जनसहभागिता पर निर्भर करती है। केवल नगर परिषद के प्रयासों से शहर को पूरी तरह स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता, इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने कहा कि यदि लोग घरों से ही कचरे का पृथक्करण शुरू कर दें और नगर परिषद के नियमों का पालन करें, तो चक्रधरपुर को स्वच्छ और आदर्श शहर के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने सभी वार्ड पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करने का आह्वान किया।

सभी वार्डों में चलाया जाएगा विशेष अभियान

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नगर परिषद क्षेत्र के सभी वार्डों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के संबंध में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत नागरिकों को कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, पुनर्चक्रण तथा स्वच्छता संबंधी नियमों की जानकारी दी जाएगी। नगर परिषद का मानना है कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता से ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का सफल क्रियान्वयन संभव होगा और चक्रधरपुर को स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा।

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