जमशेदपुर: देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान एक्सएलआरआई जमशेदपुर में नए शैक्षणिक सत्र (2026-28) का औपचारिक और भव्य शुभारंभ किया गया। टाटा ऑडिटोरियम में आयोजित उद्घाटन समारोह में 441 नए विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान की जेसुइट परंपरा के अनुसार पारंपरिक दीप प्रज्वलन से की गई। इसके बाद विविधता और सर्वधर्म समभाव की भावना को दर्शाते हुए भगवद् गीता, बाइबिल, गुरु ग्रंथ साहिब और कुरान से उद्धरणों का पाठ किया गया। समारोह के दौरान पूरे एक्सएलआरआई परिवार के कल्याण, नैतिक नेतृत्व, शैक्षणिक उत्कृष्टता और सामाजिक जिम्मेदारी के लिए विशेष प्रार्थनाएं भी की गईं। इस अवसर पर संस्थान के शिक्षकों और अधिकारियों ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्हें जिम्मेदार और संवेदनशील नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
बैच की विशेषताएं और ऑनर प्लेज
इस वर्ष के नए बैच में देश-विदेश के विभिन्न शैक्षणिक, व्यावसायिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आए कुल 441 छात्र शामिल हैं। यह विविधता संस्थान के वैश्विक और समावेशी परिवेश को और मजबूत करती है। समारोह के दौरान सभी नए छात्रों ने एक्सएलआरआई का पारंपरिक ऑनर प्लेज (सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा) लिया। इसके तहत छात्रों ने सत्यनिष्ठा, नैतिक आचरण, विविधता के प्रति सम्मान, शैक्षणिक ईमानदारी और समाज के कल्याण के लिए काम करने की शपथ ली।
इस नए बैच में निम्नलिखित फ्लैगशिप और डॉक्टरेट कोर्सेज के छात्र शामिल हैं
* बिजनेस मैनेजमेंट (BM)
* ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (HRM)
* लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट (LSCM)
* फेलो प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (FPM)
* बीएम इंटरनेशनल स्पेशलाइजेशन प्रोग्राम
इस उद्घाटन समारोह के बाद नए छात्रों के लिए एक विशेष ओरिएंटेशन प्रोग्राम और ‘आइस-ब्रेकिंग’ सत्र का भी आयोजन किया गया, ताकि छात्र आसानी से एक-दूसरे के साथ घुल-मिल सकें और नियमित कक्षाएं शुरू होने से पहले संस्थान के नियमों व माहौल से परिचित हो सकें। इस कार्यक्रम में नए छात्रों, उनके अभिभावकों के अलावा संस्थान के संकाय सदस्य (Faculty), कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी भारी संख्या में उपस्थित थे।
निदेशक और डीन का संदेश
एक्सएलआरआई के निदेशक, डॉ. फादर सेबेस्टियन जॉर्ज एसजे ने नए सत्र के अवसर पर छात्रों और उनके अभिभावकों को संबोधित करते हुए जिज्ञासा, करुणा और सहयोग की भावना अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वास्तविक नेतृत्व विश्वास, सहानुभूति और सामूहिक विकास पर आधारित होता है, तथा मानव प्रगति आपसी सहयोग से ही संभव है। वहीं, अकादमिक डीन संजय पात्रों ने छात्रों का स्वागत करते हुए जेसुइट सिद्धांत ‘मैजिस’ को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर बेहतर प्रदर्शन, उत्कृष्टता और आत्मविकास के लिए प्रेरित किया, ताकि वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।
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