चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुवा प्रखंड अंतर्गत सोनापोस पंचायत के बनुवा गांव में मंगलवार को पेयजल संकट को लेकर विशाल ग्राम सभा का आयोजन किया गया। सैकड़ो ग्रामीणों ने बैठक में हिस्सा लिया और बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे गांव की दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता जताई।
मुखिया रहे नदारद, जनप्रतिनिधि हुए शामिल
ग्राम सभा में युवा आंदोलनकारी अमित महतो, मनोहरपुर विधानसभा के आजसू के पूर्व प्रत्याशी डॉ. दिनेश चंद्र बोईपाई और पंचायत समिति सदस्य सविता देवी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने बताया कि गंभीर मुद्दे पर बुलाए जाने के बावजूद स्थानीय मुखिया बैठक से नदारद रहे।
2 किमी दूर से लाना पड़ता है पानी
अमित महतो ने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी बनुवा गांव पानी के लिए तरस रहा है। पठारी भूभाग होने के कारण यहां डीप बोरिंग सफल नहीं है। झुलसाती गर्मी में ग्रामीणों को लगभग 2 किलोमीटर नीचे उतरकर नल-जल योजना के सोलर जलमीनार स्टैंड पोस्ट से लाइन लगाकर पानी भरना पड़ता है। पानी को साइकिलों पर लादकर लाया जाता है। गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
बादल छाने पर बढ़ जाती है मुसीबत
ग्रामीणों ने बताया कि सोलर संचालित नल भी धूप न होने पर बंद हो जाता है। ऐसी स्थिति में 3 से 4 किलोमीटर दूर पेट्रोल पंप या रिश्तेदारों के गांव से पानी ढोना पड़ता है। एआई और आधुनिकता के इस दौर में गांव की यह स्थिति शर्मनाक है।
हस्ताक्षर अभियान, अनशन की चेतावनी
ग्राम सभा में सभी ग्रामीणों की एकजुटता से हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिला प्रशासन और पेयजल विभाग को 30 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि 30 दिनों में पेयजल संकट का ठोस समाधान नहीं निकला तो बनुवा गांव के ग्रामीण युवा आंदोलनकारी अमित महतो के नेतृत्व में जिला मुख्यालय और ब्लॉक कार्यालय के समक्ष अनवरत निर्जल अनशन पर बैठेंगे।
जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी जवाबदेही
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि इस दौरान किसी भी ग्रामीण को जान-माल की क्षति होती है तो इसकी पूरी जवाबदेही जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।

